लुधियाना: जनता के टैक्स के पैसे का किस तरह दुरुपयोग किया जा रहा है, इसका एक चौंकाने वाला उदाहरण वार्ड 83 की सर्कुलर रोड पर देखने को मिला। नई सड़क के निर्माण में नियमों को ताक पर रखकर घटिया मटीरियल इस्तेमाल किया जा रहा था। वार्ड पार्षद दविंदर जग्गी ने मौके पर पहुंचकर जब जांच की, तो सरकारी कागजों और धरातल पर काम के बीच भारी अंतर पाया गया।
📏 एस्टीमेट बनाम हकीकत: इंच-टेप से हुआ खुलासा
पार्षद दविंदर जग्गी ने खुद जमीन पर बैठकर सड़क के मटीरियल की मोटाई मापी। एस्टीमेट के अनुसार सड़क पर 3 इंच मोटा पत्थर (गटका) होना चाहिए था, जबकि मौके पर कई जगह सिर्फ डेढ़ इंच और कुछ जगह आधा इंच ही मिला। बिना किसी वेट-मिक्स के सीधा गटका डालने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। पार्षद ने बताया कि कार्यस्थल पर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या जेई निगरानी के लिए मौजूद नहीं था।
🚧 रोड जाली और पाइप में भी धांधली
सड़क के साथ बन रही पानी की निकासी वाली जाली की गहराई नियमों के मुकाबले बहुत कम पाई गई। पार्षद ने बताया कि एस्टीमेट में 6 केजी प्रेशर झेलने वाले मजबूत पाइपों की जगह ठेकेदार ने पैसे बचाने के लिए 4 केजी प्रेशर वाले हल्के और घटिया पाइप डाल दिए। वहीं, सड़क की चौड़ाई भी रिकॉर्ड में 38 फुट दिखाई गई थी, जबकि मौके पर यह केवल 22 फुट ही बनी।
⛈️ बारिश बनी घोटाले का ‘पर्दाफाश’
अधिकारियों और ठेकेदार ने कथित रूप से सरकारी छुट्टियों का फायदा उठाकर इस घटिया काम को कोलतार या कंक्रीट के नीचे दबाने की योजना बनाई थी। लेकिन ऐन वक्त पर हुई तेज बारिश ने इस ‘पाप’ को बाहर निकाल दिया। बारिश के कारण काम रुका तो नीचे बिछाया गया कच्चा-घटिया मटीरियल सबके सामने आ गया, जिससे ठेकेदार की पोल खुल गई।
⚖️ विजिलेंस जांच की चेतावनी
पार्षद दविंदर जग्गी ने कड़ी चेतावनी दी है कि टैक्स के पैसे पर डाका डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने ऐलान किया है कि वह पूरे मामले की कंक्रीट रिपोर्ट तैयार कर विजिलेंस विभाग और राज्य सरकार के उच्च अधिकारियों को सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि इस नेक्सस में शामिल किसी भी अधिकारी या ठेकेदार को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उनके राजनीतिक संबंध कितने भी रसूखदार क्यों न हों।


