मध्य प्रदेश के जबलपुर बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है. तो वहीं एक अन्य अब भी लापता है. रविवार सुबह तमिलनाडु निवासी 19 वर्षीय मयुरम की भी डेड बॉडी (I did not get any alert) को बरामद कर लिया गया है. कुल 28 लोगों का रेस्क्यू किया गया है. इसके साथ ही एनडीआरएफ एसडीआरएफ और आगरा से भारतीय सेना की स्पेशल गोताखोर टीम लगातार डेम में सर्च ऑपरेशन चल रही है.

 I did not get any alert – दरअसल, क्रूज को बरगी के घुल्लापाट गांव के रहने वाले 45 वर्षीय महेश पटेल चला रहे थे. महेश अपनी मां, पत्नी और दो बेटे के साथ गांव में रहते हैं. महेश पटेल ने बरगी नगर में ही आठवीं तक की पढ़ाई की है और गांव में चक्कू और नाव चलाते चलाते क्रूज के पायलट बन गए. पायलट महेश पटेल ने बताया कि 30 अप्रैल गुरुवार शाम 5 बजकर 16 मिनट पर क्रूज लेकर निकले थे. लगभग 30 से 35 मिनट का सफर पूरा हो चुका था और क्रूज को वापस लगाने में करीब 10 मिनट बाकी थे. तभी अचानक तेज आंधी-तूफान शुरू हो गया.

कितने लोग थे क्रूज पर सवार

जब उनसे यात्रियों की संख्या के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि क्रूज में टिकट के हिसाब से करीब 32 लोग सवार थे, लेकिन 5 अन्य लोग भी आ गए थे, और कुल दो स्टाफ सदस्य थे. बच्चों की गिनती पांच साल से कम उम्र होने पर अलग से नहीं होती, कुल उनके अनुसार, जिनके टिकट की जानकारी उन्हें नहीं थी संभवतः बच्चों को छोड़कर कुल संख्या 37 थी.

अलर्ट की कोई जानकारी नहीं मिली

महेश पटेल ने कहा कि उन्हें अधिकारियों की ओर से किसी तरह के अलर्ट की जानकारी नहीं दी गई थी. अगर पहले जानकारी मिल जाती, तो संभवतः क्रूज को रोका जा सकता था. वहीं अपने खिलाफ हुई विभागीय कार्रवाई पर महेश पटेल ने सवाल उठाए. उनका कहना है कि उन्हें गलत तरीके से जिम्मेदार ठहराया जा रहा है. उन्होंने कहा, कुदरत की मार को कोई रोक नहीं सकता. मैंने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की. लेकिन जिन परिवारों को नुकसान हुआ है, उनके लिए मैं हाथ जोड़कर क्षमा मांगता हूं.

 

 

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