महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन के बाद खाली हुई बारामती विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजे घोषित हो गए हैं. इस उपचुनाव में अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने रिकॉर्ड तोड़ वोटों से जीत दर्ज की. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की प्रत्याशी सुनेत्रा पवार को करीब 2.19 लाख वोट मिले, जबकि दूसरे (Sunetra Pawar’s record victory) नंबर पर रहे प्रत्याशी को एक हजार वोट भी न मिले. बारामती विधानसभा सीट के इतिहास की यह सबसे बड़ी जीत है.

Sunetra Pawar’s record victory – इस उपचुनाव के दौरान सुनेत्रा पवार के खिलाफ किसी भी राजनीतिक दल ने अपना प्रत्याशी नहीं उतारा था. सुनेत्रा के खिलाफ करीब दो दर्जन निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में थे. अजित पवार के निधन के कारण सुनेत्रा पवार के लिए बारामती के लोगों में सहानुभूति थी. इस रिकॉर्ड वोटों से जीत ने सुनेत्रा की संगठन शक्ति और राजनीतिक पकड़ को मजबूत कर दिया है. सुनेत्रा पवार को 2.19 लाख वोट मिले, जबकि सारे प्रत्याशी मिलकर भी 5 हजार वोट न हासिल कर पाए.

1967 से पवार परिवार का गढ़ है बारामती

बारामती विधानसभा सीट के इतिहास में इससे पहले इतनी बड़ी जीत कभी दर्ज नहीं हुई थी. 2024 में बारामती सीट पर अजित पवार ने एक लाख के मार्जिन से जीत दर्ज की थी. बारामती को लंबे समय से पवार परिवार का गढ़ माना जाता रहा है. यहां की राजनीति में शरद पवार का प्रभाव दशकों से कायम है. 1967 से ही इस चुनाव पर पवार फैमिली जीतती आई है. शुरुआत में शरद पवार यहां से जीते, फिर अजित पवार और अब सुनेत्रा पवार ने जीत हासिल की.

सुनेत्रा पवार ने बारामती के लोगों से किया वादा

इस उपचुनाव में सहानुभूति की लहर भी साफ तौर पर देखने को मिली. अजित पवार के निधन के बाद लोगों में भावनात्मक जुड़ाव बढ़ा और इसका सीधा फायदा सुनेत्रा पवार को मिला. इस जीत को सिर्फ सहानुभूति का परिणाम मानना अधूरा विश्लेषण होगा. सुनेत्रा पवार ने चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह से लोगों से सीधा संवाद किया, स्थानीय मुद्दों को उठाया और विकास के वादे किए, उसने भी मतदाताओं को प्रभावित किया.

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