पटना : बांकीपुर से नवनिर्वाचित जन सुराज विधायक प्रशांत किशोर (PK) द्वारा बिहार के 10 हजार युवाओं को राज्य से बाहर रोजगार दिलाने की घोषणा के बाद प्रदेश की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। प्रशांत किशोर ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि देश के दिग्गज उद्योगपतियों और कॉर्पोरेट घरानों से उनके सीधे संबंध हैं। वे बिहार के (announcement of 10 thousand jobs) कम से कम 10 हजार शिक्षित युवाओं को राज्य से बाहर स्थित बड़ी फैक्ट्रियों और कंपनियों में रोजगार मुहैया करा सकते हैं। इस उद्देश्य से उन्होंने युवाओं से अपना बायोडाटा (Resume) जमा कराने की अपील की है।
प्रशांत किशोर के बयान पर कड़ा प्रहार करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता नीरज कुमार ने उन्हें आड़े हाथों लिया। नीरज ने कहा कि, “प्रशांत किशोर जी, यदि वास्तव में देश के बड़े-बड़े उद्योगपतियों से आपके इतने मधुर संपर्क हैं, तो बिहार के होनहार युवाओं को राज्य से बाहर पलायन कराने की बातें मत करिए। अपनी पहुँच का सदुपयोग कर उन उद्योगपतियों से बात करके बिहार की धरती पर ही उद्योग-धंधे स्थापित करवाइए, ताकि युवाओं का पलायन थमे। बिहार सरकार अपने स्तर पर युवाओं को यहीं रोजगार और नौकरियां दे रही है। आप 10 हजार नौकरियों का सपना दिखाकर जनता को बेवकूफ बनाना बंद करें।”
announcement of 10 thousand jobs
दूसरी ओर, मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने प्रशांत किशोर की इस पहल पर मिला-जुला रुख अपनाया है। राजद के वरिष्ठ विधायक भाई वीरेंद्र ने बयान देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति अथवा संगठन यदि बिहार के बेरोजगार युवाओं को नौकरी और आजीविका देने की बात करता है, तो वे इसका सहर्ष स्वागत करते हैं। हालांकि, उन्होंने तंज भरे लहजे में यह भी जोड़ा कि केवल मौखिक दावे करने के बजाय यदि प्रशांत किशोर पहले 10 हजार युवाओं को वास्तव में नौकरी दिलवा दें और उसके बाद इस उपलब्धि का बखान करें, तो अधिक तर्कसंगत और श्रेयस्कर होगा।


