बालाघाट के बुढ़ी इलाके में शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर महिलाओं का आंदोलन अब चर्चा का विषय बन गया है। यहाँ पिछले 80 दिनों से महिलाएं धरने पर बैठी हैं, लेकिन बुधवार को आंदोलन स्थल पर उस समय अजीब स्थिति बन गई जब एक महिला ने अपने ही शराबी पति को खंभे से बांध दिया। आरोप है कि पति नशे में धुत होकर आंदोलन स्थल पर पहुंचा और वहां मौजूद महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करने लगा।
🚫 आंदोलन को कमजोर करने का आरोप
आंदोलनकारी महिलाओं का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ रही हैं। इसी बीच, संजू चौधरी नाम का व्यक्ति शराब के नशे में वहां पहुंचा और महिलाओं के साथ अभद्रता करने लगा। अपनी पत्नी ने जब उसे समझाने की कोशिश की तो वह नहीं माना, जिसके बाद आक्रोशित पत्नी ने उसे खंभे से बांध दिया और विरोध स्वरूप उसके मुंह पर टेप लगा दी।
👮 पुलिस की दखल के बाद शांत हुआ मामला
इस घटना के बाद मौके पर काफी देर तक हंगामा चलता रहा। आसपास के लोगों ने घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और संजू चौधरी को मुक्त कराया। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत किया।
“हम परिवार को टूटने से बचाने और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए यह लड़ाई लड़ रहे हैं। जब हमारे ही घर के लोग शराब पीकर इस आंदोलन को कमजोर करेंगे, तो हम उन्हें बख्शेंगे नहीं।” — आंदोलनकारी महिलाएं
📢 नशे के खिलाफ जारी है जंग
बालाघाट के बुढ़ी इलाके की महिलाओं का संकल्प अडिग है। उनका स्पष्ट कहना है कि जब तक यहां से शराब की दुकान पूरी तरह नहीं हटाई जाती, तब तक यह धरना अनवरत जारी रहेगा। यह घटना साबित करती है कि महिलाएं अपने हक और सुरक्षित समाज के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।


