अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी के मामले ने सियासी और धार्मिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इस मामले में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय विपक्ष के निशाने पर हैं। आरोपों के बीच वे सार्वजनिक रूप से बेहद कम नजर आ रहे हैं। सूत्रों की मानें तो 80 वर्षीय चंपत राय वर्तमान में एकांतवास में हैं और SIT (विशेष जांच दल) की अंतिम (Ayodhya Temple Case) रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
💔 टिन्नू यादव के धोखे पर जताया दुख
सूत्रों के अनुसार, अपने करीबियों से बातचीत के दौरान चंपत राय ने भावुक होते हुए कहा, “मैं कलंक लेकर अयोध्या से नहीं जाऊंगा। मंदिर निर्माण की मेरी सेवा पूरी हो चुकी है, लेकिन अपने ऊपर लगे दाग के साथ यहां से विदा नहीं हो सकता।” उन्होंने मामले के मुख्य आरोपी टिन्नू यादव का जिक्र करते हुए कहा कि टिन्नू ने उन्हें धोखा दिया है, जिसकी उम्मीद उन्हें कभी नहीं थी।
🕉️ ‘राम की कृपा से ही हटेंगे आरोप’
तीर्थ क्षेत्र पुरम में निवास कर रहे चंपत राय ने अपने कमरे में रखी भगवान श्रीराम की छोटी प्रतिमा की ओर इशारा करते हुए अपने करीबियों से कहा, “मुझे किसी बात की चिंता नहीं है। अगर ये आरोप लगवाए गए हैं, तो प्रभु की कृपा से ये आरोप हटेंगे भी।” फिलहाल वे किसी भी सार्वजनिक विवाद या टिप्पणी से बच रहे हैं और पूरी तरह से (Ayodhya Temple Case) कानूनी जांच प्रक्रिया पर भरोसा बनाए हुए हैं।


