छिंदवाड़ा: सरोरा ग्राम पंचायत से बड़ा अजीब मामला सामने आया है. यहां एक शख्स को ग्राम रोजगार सहायक से यह पूछना भारी पड़ गया कि उसका पीएम आवास योजना का घर आया है. इस सवाल के जवाब में ग्राम पंचायत सहायक ने उसे कमरे में बंद कर बेल्ट से पिटाई कर दी. यह कहना है सरोरा ग्राम पंचायत में रहने वाले अनिल का. उन्होंने (asking for pm’s residence proved costly) थाने पहुंचकर अपने साथ हुई मारपीट की शिकायत तो दर्ज करा दी है, लेकिन पुलिस पर भी शिकायती आवेदन में गलत जानकारी दर्ज करने का आरोप लगाया है.
तिरपाल के नीचे रहने को मजबूर परिवार
कड़कड़ाती ठंड में खुले आसमान के नीचे अनिल अपने परिवार के साथ तिरपाल तान कर रहते हैं. वे सरोरा ग्राम पंचायत के बगल में कई सालों से तिरपाल के सहारे गुजर बसर कर रहे हैं. सिर ढकने के लिए (asking for pm’s residence proved costly) उनके पास एक छत तक नहीं है. ऐसी कड़कड़ाती ठंड में उनकी 3 साल की मासूम बच्ची भी इसी तिरपाल के नीचे रहने को मजबूर है.
पंचायत भवन में शख्स को बंधक बनाकर पीटा
अनिल जिंजोलकर ने बताया, “वह मजदूरी करके अपने परिवार का जीवन यापन करते हैं. वे अपनी 3 महीने की बेटी और पत्नी के साथ सालों से तिरपाल से तम्बू बनाकर रह रहे हैं. गुरुवार को जब उन्होंने ग्राम रोजगार सहायक प्रदीप भावरकर से पीएम आवास योजना के तहत मिलने वाले उनके घर के बारे में जानकारी मांगी, तो रोजगार सहायक ने उन्हें पंचायत भवन में बुलाया और कमरे में बंद करके बेल्ट से जमकर पीटा. जिसके बाद उन्होंने थाने में शिकायत भी दर्ज कराई है. वे कई सालों से पीएम आवास योजना का लाभ लेने के लिए अफसरों के ऑफिस के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही है.”

