ठाणे (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र के ठाणे स्थित व्यस्ततम कापूरबावडी जंक्शन पर करोड़ों रुपये की कीमती संपत्ति पर अचानक हुई तोड़फोड़ की कार्रवाई के बाद भारी विवाद खड़ा हो गया है।
पीड़ित संपत्ति मालिकों ने इस पूरी प्रशासनिक कार्रवाई पर अत्यंत कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। स्थानीय निवासियों व पीड़ितों का गंभीर आरोप है कि संबंधित प्रशासन द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना, चेतावनी या कानूनी नोटिस के ही यह विध्वंसकारी कार्रवाई अंजाम दी गई है। घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और नागरिकों में स्थानीय प्रशासन के खिलाफ गहरा रोष देखा जा रहा है।
📜 पूर्वजों की संपत्ति और वैध दस्तावेज होने का दावा, पीड़ितों ने लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित परिवार के सदस्यों ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि यह बेशकीमती संपत्ति उनके पूर्वजों ने दशकों पूर्व गाढ़ी कमाई से खरीदी थी।
इसके लिए उन्होंने उस दौर में भारी-भरकम कीमत भी चुकाई थी। पीड़ितों का कहना है कि संपत्ति के मालिकाना हक (Ownership) से जुड़े सभी वैध कानूनी कागजात उनके पास सुरक्षित उपलब्ध हैं। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा न तो कोई सुनवाई की गई और न ही कोई लिखित नोटिस थमाया गया, सीधे बुलडोजर चलाकर उनकी बहुमूल्य संपत्ति को मलबे में तब्दील कर दिया गया।
📄 मीडिया के सामने प्रस्तुत किए मालिकाना हक के सबूत, कहा— “बिल्डर लॉबी को देने की रची जा रही साजिश”
स्थानीय मीडिया से बातचीत के दौरान पीड़ित परिवार के सदस्यों ने अपनी-अपनी संपत्ति के मालिकाना हक से जुड़े वैध सरकारी दस्तावेज सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत किए।
उनका स्पष्ट आरोप है कि समस्त वैध दस्तावेज होने के बाद भी उन्हें जानबूझकर प्रताड़ित किया जा रहा है। पीड़ितों का कहना है कि वर्तमान समय में कापूरबावडी जंक्शन एक अति-महत्वपूर्ण और प्राइम लोकेशन बन चुका है। इसी व्यावसायिक महत्ता के कारण भू-माफियाओं और बिल्डर लॉबी द्वारा इस बेशकीमती भूखंड को हड़पने और बिल्डर को सौंपने की सोची-समझी साजिश रची जा रही है।
🏗️ घटनास्थल पर लगा मलबे का ढेर, पीड़ित परिवार ने की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग
यद्यपि, पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए इन सनसनीखेज आरोपों पर फिलहाल प्रशासनिक अधिकारियों की आधिकारिक पुष्टि प्राप्त नहीं हो सकी है, किंतु मीडिया रिपोर्ट्स और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटनास्थल पर विशाल मात्रा में ध्वस्त निर्माण का मलबा पसरा हुआ है।
घटना के उपरांत स्थानीय नागरिकों का आक्रोश चरम पर है। पीड़ित परिवार ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे अवैध तोड़फोड़ मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कानूनी कार्रवाई हो और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाकर न्याय प्रदान किया जाए।


