राजधानी रांची में अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने रविवार को एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. इससे पहले झारखंड महिला कांग्रेस की नई प्रदेश अध्यक्ष रामा खलखो ने औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया. पदभार ग्रहण समारोह के तुरंत बाद दोनों नेताओं ने मीडिया से बातचीत की (fight from road to parliament) और केंद्र सरकार, चुनाव आयोग तथा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर तीखे सवाल खड़े किए.
अलका लांबा ने कहा कि देश इस समय एक ऐसे दौर से गुजर रहा है जहां लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ रहा है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि संसद का सत्र भले ही अपने तरीके से चलता रहेगा, लेकिन कांग्रेस का संघर्ष सड़क से लेकर सदन तक जारी रहेगा. उनके अनुसार राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे संसद में जनता के सवाल उठाएंगे, जबकि महिला कांग्रेस और संगठन के अन्य मोर्चे मैदान में उतरकर लोगों की आवाज को मजबूत करेंगे.
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उन्होंने SIR के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को घेरा और कहा कि इस नई व्यवस्था के बहाने आदिवासियों के अधिकारों में कटौती की जा रही है. कई ब्लॉक स्तर के अधिकारी और कर्मचारी भारी दबाव झेल रहे हैं और मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या जैसे मामलों की खबरें सामने आ रही हैं. उन्होंने इसे बेहद चिंताजनक करार दिया.
fight from road to parliament – चुनाव आयोग पर बोलते हुए अलका लांबा ने आरोप लगाया कि आयोग मूकदर्शक बनकर सब कुछ देख रहा है. उन्होंने कहा कि हरियाणा में 25 लाख फर्जी वोट तैयार कर लिए गए, जबकि बीजेपी के कुछ नेता दिल्ली और बिहार दोनों जगह वोट करते हैं. बिहार में भी कई जगहों पर वोटरों के नाम काटे जाने की शिकायतें मिल रही हैं. उन्होंने कहा कि हम चुनाव आयोग को चैन से बैठने नहीं देंगे, यह बीजेपी की मशीन नहीं बल्कि संवैधानिक पद है और इसे अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए.
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