महाराष्ट्र : नासिक में सामने आए कथित ‘भोंदू बाबा’ अशोक खरात मामले के बाद महाराष्ट्र पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में है। अंधविश्वास, ढोंग और चमत्कार के नाम पर भोली-भाली जनता को ठगने वाले बाबाओं और तांत्रिकों के खिलाफ पुलिस ने राज्यभर में एक व्यापक अभियान छेड़ दिया है। पिछले सवा दो महीनों के भीतर ही पुलिस (Action Against Fake Godmen) ने 50 से अधिक ऐसे ढोंगी बाबाओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन पर महिलाओं के लैंगिक शोषण, आर्थिक ठगी और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप हैं।
इसे भी पढ़ें – जमानत के बाद आरोपी के परिवार का डांस और जश्न, पीड़िता अश्विनी कोष्टा के पिता ने कहा- ‘मर चुकी है मानवता’
Action Against Fake Godmen – ‘महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति’ के अनुसार, अशोक खरात प्रकरण के बाद बड़ी संख्या में पीड़ित परिवार और महिलाएं सामने आई हैं, जिन्होंने अब खुलकर शिकायत दर्ज कराई है। समिति का मानना है कि पहले भी शोषण हो रहा था, लेकिन अब लोग जागरूक हो रहे हैं। समिति के राज्य कार्यवाह कृष्णा चांदगुडे ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि ढोंग और अंधविश्वास की आड़ में आपराधिक कृत्यों को अंजाम देने वाले तत्वों के खिलाफ है। सभी धर्मों से जुड़े कथित तांत्रिकों के खिलाफ ‘महाराष्ट्र जादूटोणा और अंधश्रद्धा विरोधी कानून 2013’ के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
📍 कहां-कहां चल रहा है अभियान?
पुलिस का छापेमारी अभियान मुंबई, पुणे, नाशिक, अहिल्यानगर, नागपुर और संभाजीनगर सहित राज्य के विभिन्न जिलों में तेज कर दिया गया है। इन ढोंगी बाबाओं ने अक्सर महिलाओं को संतान प्राप्ति, लाइलाज बीमारियों से मुक्ति और पारिवारिक समस्याओं के समाधान के नाम पर बहला-फुसलाकर अपना शिकार बनाया। नाशिक जिला इस कार्रवाई में सबसे आगे है, जहां अकेले 5 मामले दर्ज किए गए हैं।


