पश्चिम बंगाल में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर में हिंसा प्रभावित परिवारों से मिलने गए अभिषेक बनर्जी पर कुछ लोगों ने पत्थर और अंडे फेंके। इस घटना के बाद पूरा विपक्ष ममता बनर्जी के समर्थन में खड़ा हो गया है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने व्यक्तिगत रूप से ममता बनर्जी से संपर्क कर अभिषेक के बेहतर इलाज के लिए हैदराबाद या किसी अन्य स्थान पर हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
🏟️ राहुल गांधी ने जताई चिंता, लोकतंत्र पर बताया हमला
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर हमला करार दिया। ममता बनर्जी ने पत्रकारों को बताया, “राहुल गांधी ने मुझे फोन कर कहा कि अगर अभिषेक को बेहतर इलाज के लिए हैदराबाद या कहीं और ले जाने की जरूरत पड़े, तो कांग्रेस पार्टी पूरी मदद के लिए तैयार है।” उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने घटना पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है।
🔪 सोनारपुर में कैसे हुआ यह ‘पूर्व नियोजित’ हमला?
अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि यह हमला पूरी तरह से पूर्व नियोजित था। उन्होंने कहा, “मौके पर पुलिस की भारी कमी थी और मुझे निशाना बनाने की साजिश रची गई थी।” धक्का-मुक्की के दौरान उनकी शर्ट फट गई और उन्हें बड़ी मशक्कत से सुरक्षा घेरे में बाहर निकाला गया। उन्होंने हेलमेट लगाकर खुद को बचाया। वहीं, ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों पर भी अभिषेक का इलाज प्रभावित करने के लिए शक्तिशाली लोगों द्वारा दबाव बनाया जा रहा है।
🗣️ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर
-
टीएमसी का दावा: टीएमसी ने इसे बीजेपी समर्थित बदमाशों की ‘क्रूर हिंसा’ बताया है।
-
विपक्ष की आलोचना: मल्लिकार्जुन खड़गे और अखिलेश यादव ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे हिंसक राजनीति का हिस्सा बताया है।
-
बीजेपी का बचाव: बंगाल बीजेपी अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने हिंसा की निंदा तो की, लेकिन पार्टी की संलिप्तता से इनकार किया। उन्होंने इसे स्थानीय आक्रोश का परिणाम बताया।
⚖️ कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने भी शांति की अपील की है, लेकिन अभिषेक बनर्जी के आरोपों ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। टीएमसी का कहना है कि अभिषेक का दौरा जारी रहने के बावजूद, जानबूझकर सुरक्षा इंतजाम ढीले रखे गए थे। अब पूरे मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है।


