बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. बीते शनिवार (10 जनवरी) को सुनामगंज जिले में एक हिंदू युवक की संदिग्ध हालात में मौत हो गई. मृतक की पहचान जॉय महापात्रो के रूप में हुई है. हिंदू समुदाय के खिलाफ लगातार हो रही हिंसा से भारत में आक्रोश है. बांग्लादेश के खिलाफ (atrocities on Hindus in Bangladesh) जगह-जगह विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में पूरे उत्तर प्रदेश में आम आदमी पार्टी ने सड़कों पर उतर कर पड़ोसी देश के खिलाफ विरोध जताया.
atrocities on Hindus in Bangladesh – रविवार (11 जनवरी) को राजधानी लखनऊ के कैसरबाग स्थित स्वास्थ्य भवन चौराहे पर आम आदमी पार्टी ने किया विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान तख़्ती और बैनर लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश में हिन्दुओ की हत्या के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. बांग्लादेश का पुतला फूंक दिया.
पीएम मोदी के खिलाफ नारेबाजी
इसके साथ ही कार्यकर्ताओं ने भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी नारेबाजी की. पार्टी ने सरकार को घेरते हुए कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं को मारा जा रहा है और यहां सरकार शेख हसीना को बैठाकर बिरयानी खिला रही है. कार्यकर्ताओं ने मांग की कि शेख हसीना को वापस बांग्लादेश भेज देना चाहिए.
पीएम की चुप्पी पर उठाए सवाल
इस दौरान AAP की जिला अध्यक्ष इरम ने कहा कि यह बेहद अफसोस की बात है कि बांग्लादेश में लंबे समय से हिंदू समुदाय पर अत्याचार हो रहा है. वहां पर हिंदू मारे जा रहे हैं और हमारे प्रधानमंत्री चुप बैठे हैं. उन्होंने कहा कि जिस तरीके से हिंदू भाइयों का खून बहाया जा रहा है क्या उनका खून इतना सस्ता हो गया कि कोई भी उस पर आवाज ना उठाए.
