आम आदमी पार्टी की मान सरकार ने पंजाब में पर्यावरण संरक्षण को अपने शासन का एक मुख्य मिशन बना दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पिछले दो वर्षों में राज्य में हरियाली की दिशा में ऐतिहासिक काम हुआ है। वर्ष 2023-24 में सरकार ने रिकॉर्ड 1.2 करोड़ पौधे लगाए, जबकि 2024-25 के लिए 3 करोड़ पौधे लगाने (increased tree cover of Punjab) का लक्ष्य रखा गया है। यह अभियान सिर्फ सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है।
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पंजाब के लिए यह पहल इसलिए भी जरूरी थी क्योंकि पिछले दो दशकों में राज्य का वन क्षेत्र लगातार घटता गया। केंद्र सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, 2001 से 2023 के बीच पंजाब का वन क्षेत्र 4.80% से घटकर 3.67% रह गया और ट्री कवर 3.20% से घटकर 2.92% तक पहुंच गया। यानी 22 सालों में पंजाब ने 1.13% वन क्षेत्र और 0.28% पेड़ क्षेत्र खो दिया। यह इस बात का सबूत है कि कांग्रेस और अकाली दल की सरकारें पर्यावरण की रक्षा को लेकर पूरी तरह विफल रहीं।
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increased tree cover of Punjab – मान सरकार ने इस पूरे तंत्र में सुधार करते हुए 2024 में ‘ट्री प्रिज़र्वेशन पॉलिसी’ लागू की। इस नीति के तहत गैर-वन और सरकारी भूमि पर भी पेड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। अब बिना अनुमति कोई भी पेड़ नहीं काटा जा सकता। यह नीति न केवल पेड़ों की रक्षा करती है, बल्कि उन्हें कानूनी “अधिकार” भी देती है। इसी सोच के साथ सरकार ने हर विकास परियोजना में कंपेंसेटरी अफॉरेस्टेशन को अनिवार्य किया। वर्ष 2023-24 में इसके तहत 940.384 हेक्टेयर भूमि पर पौधे लगाए गए, जो पंजाब के पर्यावरण सुधार का ठोस प्रमाण है।
