कहा तो ऐसा गया है कि दुनिया का कोई भी इंसान स्वस्थ नहीं है। हर एक व्यक्ति किसी ना किसी रोग का सामना कर रहा है। वही अगर बात करें थायराइड कि तो आंकड़ों की मानें तो लगभग हर तीसरा भारतीय किसी न किसी थायराइड के रोग से पीड़ित है। थायराइड में अकसर लोगों का वजन बढ़ जाता है, हारमोंस असंतुलित हो जाते हैं। थायरॉइड समस्याओं का सबसे आम कारण ऑटोम्यून्यून थायराइड रोग (एआईटीडी) है। इसी लिए आज हम आपको बताएंगे थायराइड की होम रेमेडीज़ जो आपके जीवन को काफी आसान कर सकती हैं| इससे पहले जान लेते है कि थायराइड कितने प्रकार के होते है।
आपको बता दे कि थायराइड विकार 2 प्रकार के होते है।
- हाइपरथायरायडिज्म
- हाइपोथायरायडिज्म
हाइपरथायरायडिज्म
हाइपरथायरायडिज्म जो की एट्रियल फिब्रिलेशन, ऑस्टियोपोरोसिस और फ्रैक्चर का कारण बन सकता है। वही बात इसके लक्षण कि करें तो, इसके लक्षण कुछ इस प्रकार है:-वजन घटना, गर्मी न झेल पाना, ठीक से नींद न आना, प्यास लगना, अत्यधिक पसीना आना, हाथ कांपना, लगातार मल त्याग की इच्छा करना, दिल तेजी से धड़कना, कमजोरी, चिंता और अनिद्रा शामिल हैं।
हाइपोथायरायडिज्म
हाइपोथायरायडिज्म जो मायक्सेडेमा कोमा और मृत्यु का कारण बन सकता है। वही बात अगर इसके लक्षणों कि करें तो, इसके लक्षण कुछ इस प्रकार है:-सुस्ती, थकान, कब्ज, धीमी हृदय गति, ठंड, सूखी त्वचा, बालों में रूखापन, अनियमित मासिकचक्र और इन्फर्टिलिटी के लक्षण दिखाई देते हैं।
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थायराइड होम रेमेडीज़ : यह हैं थायराइड के घरेलू उपाय।
अदरक
अदरक में भरपूर मात्रा में पोटेशियम, मैग्नीशियम आदि मौजूद होते हैं, जो थायराइड की बीमारी से छुटकारा दिलाने में मदद करते हैं। अदरक में भरपूर मात्रा में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं जो थायराइड को बढ़ने से रोकते हैं और उसकी कार्यप्रणाली में सुधार लाने का काम करते हैं।
दूध और दही
डेयरी उत्पाद जैसे दही, आइसक्रीम और दूध में आयोडीन होता है। थायरॉयड को आयोडीन की आवश्यकता होती है ताकि इसकी ग्रंथियों को बढ़ने से रोका जा सके-जिसे गण्डमाला के रूप में जाना जाता है।
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मुलेठी
थायराइड के मरीजों को थकान बड़ी जल्दी लगने लगती है और वे जल्दी ही थक जाते हैं। इसलिए थाइराइड के मरीजों को मुलेठी का सेवन करना बहुत लाभदायक होता है। मुलेठीं में पाए जाने वाले गुण थायराइड ग्रंथी को संतुलित करते हैं। शरीर का एनर्जी लेबल बढ़ाते है। मुलेठी थायराइड में कैंसर को बढ़ने से भी रोकता है।
गेहूँ, ज्वार और अनाज
कब्ज हाइपोथायरायडिज्म का एक आम लक्षण है। अनाज, रोटी, पास्ता और चावल जैसे साबुत अनाज खाद्य पदार्थों में फाइबर के अलावा पोषक तत्वों की मात्रा अधिक होती है, जो मल त्याग में मदद कर सकते हैं और थायराइड से नेचुरली लड़ने में मदद करता है। थायराइड के अलावा यह साइनस, हाई बीपी जैसे रोगों से भी राहत दिलाते हैं।
अश्वगंधा
अश्वगंधा एक प्राकृतिक औषधि है। यह एक शक्तिवर्धक औषधि है। अश्वगंधा की मदद से थाइरॉइड पर नियंत्रण किया जा सकता है। इसके लिए आप चाहें तो आप चाहे तो इसकी पत्तियों या जड़ों को उबाल कर पी सकते हैं। हायपोथायरायडिज्म का इलाज भी अश्वगंधा की मदद से किया जा सकता है। इसके लिए आपको महायोगराज गुग्गुलु और अश्वगंधा को एक साथ इस्तेमाल करें।
ताजे फल और सब्जियाँ
हाइपोथायरायडिज्म का एक शुरुआती लक्षण वजन बढ़ना है। कम कैलोरी, उच्च घनत्व वाले खाद्य पदार्थ जैसे ताजा उपज हर सफल वजन घटाने के कार्यक्रम की आधारशिला हैं। यदि संभव हो तो प्रत्येक भोजन में ताजे फल या सब्जियों को शामिल करें। विशिष्ट खाद्य पदार्थ जैसे ब्लूबेरी, चेरी, शकरकंद और हरी मिर्च भी एंटीऑक्सिडेंट, पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं जो हृदय रोग के कम जोखिम के लिए जाने जाते हैं।
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अंडे
अंडे में सेलेनियम और आयोडीन दोनों की स्वस्थ मात्रा होती है जों कि थायराइड से लड़ने में मदद करता है। सबसे स्वास्थ्य लाभों के लिए, पूरे अंडे का सेवन करें, क्योंकि जर्दी में अधिकांश पोषक तत्व होते हैं।
बीन्स
एक सस्ती और बहुमुखी भोजन, बीन्स लगातार ऊर्जा देने का एक बेहतरीन स्रोत है, जो कि हाइपोथायरायडिज्म के कारण आपको भूखा महसूस होने पर मददगार साबित हो सकता है। बीन्स में प्रोटीन, एंटीऑक्सिडेंट, जटिल कार्बोहाइड्रेट, विटामिन और खनिजों से भरा होता। यदि आप कब्ज से पीड़ित हैं जो कि हाइपोथायरायडिज्म का एक सामान्य दुष्प्रभाव हो सकता है तब बीन्स फाइबर में भी उच्च हैं जों कि कब्ज की समस्याओं में मदद करता है।
यदि आप बीन्स के लिए नए हैं तब इसे इस्तेमाल करने के कई तरीके हैं जैसे:-साइड डिश के रूप में, सूप, सलाद और स्टॉज को बढ़ाने के लिए कर सकते है। बस यह सुनिश्चित करें कि इसे ज़्यादा न इस्तेमाल करें-दिशानिर्देशों की सलाह है कि वयस्कों को प्रत्येक दिन 20 से 35 ग्राम फाइबर की आवश्यकता है, लेकिन अतिरिक्त फाइबर आपके हाइपोथायरायडिज्म उपचार में हस्तक्षेप कर सकते हैं।
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यह थे हमारी तरफ से थायराइड होम रेमेडीज़ जिनका इस्तेमाल कर के आप थायराइड को खतम कर सकते है। एक और बात हमेशा डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें क्योंकि यह बहुत ज़रूरी है।
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