शहडोल: मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के जंगलों में बाघों की आवाजाही और उनका मूवमेंट लगातार बना रहता है, खासकर उन इलाकों में जो घुनघुटी और बांधवगढ़ के जंगलों से सटे हुए हैं। इसी क्रम में शहडोल जिले के गोहपारू वन परिक्षेत्र से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां अपनी खोई हुई गाय को तलाशने जंगल में गए एक ग्रामीण को बाघ ने अपना शिकार बना लिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
चौकीदार के मना करने के बावजूद गाय ढूंढने जंगल में निकला था ग्रामीण, रात भर नहीं लौटने पर शुरू हुई तलाश
प्राप्त विवरण के अनुसार, शहडोल जिले के गोहपारू वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पटोरी बीट के कक्ष क्रमांक RF-684 (ढिकुरी डोंगरी जंगल) के पास रहने वाले सोनशाह यादव की एक गाय घर नहीं लौटी थी, जिसे ढूंढने के लिए वह जंगल की तरफ जा रहे थे। रास्ते में पटोरी बीट के चौकीदार ने उन्हें शाम के वक्त जंगल के अंदर जाने से साफ तौर पर मना किया था, लेकिन वे नहीं माने और आगे निकल गए। जब वह देर रात तक अपने घर वापस नहीं पहुंचे, तो चिंतित ग्रामीणों ने इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दी। वन विभाग की टीम ने फौरन रात के समय ही संभावित इलाकों में उनकी तलाश शुरू कर दी, लेकिन अंधेरा होने के कारण रात में कुछ पता नहीं चल सका।
सुबह सर्चिंग के दौरान नाले के पास मिला शव, पास में मिले बाघ के पगमार्क; पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
अगले दिन सुबह करीब 5:30 बजे वन विभाग की टीम ने दोबारा उस क्षेत्र में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया। खोजबीन के दौरान जंगल के एक नाले के अंदर उक्त ग्रामीण का शव पड़ा हुआ मिला। शव के बिल्कुल पास ही बाघ के पैरों के निशान (पगमार्क) और उसके लौटने के स्पष्ट निशान भी दिखाई दिए, जिसके बाद तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवा दिया।
घुनघुटी के जंगलों से लगा है पूरा इलाका, लगातार बना रहता है बाघों का मूवमेंट
शहडोल दक्षिण वन मंडल की डीएफओ (DFO) श्रद्धा पेंद्रे ने इस घटना की जानकारी देते हुए बताया कि यह पूरा क्षेत्र घुनघुटी के जंगलों से सटा हुआ है और पिछले काफी दिनों से इस इलाके में टाइगर का मूवमेंट लगातार देखा जा रहा था। हमारा वन स्टाफ और मैदानी टीम भी लगातार निगरानी पर तैनात थी। जिस व्यक्ति की मौत हुई है, उसे वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा पहले ही सख्त हिदायत दी गई थी कि उस तरफ न जाएं, फिर भी वे उस स्थान पर चले गए जहां शव बरामद हुआ है। घटना स्थल के पास ही नाले के नजदीक टाइगर भी बैठा हुआ मिला है।
वन विभाग ने दी तात्कालिक सहायता राशि, कुल 8 लाख रुपये का मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू
डीएफओ ने आगे बताया कि घटना के तुरंत बाद रेंज ऑफिसर की ओर से पीड़ित परिवार को 10,000 रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता राशि प्रदान कर दी गई है। इसके पश्चात शासन के नियमानुसार कुल 7 लाख 90 हजार रुपये की शेष मुआवजे की राशि मिलाकर कुल 8 लाख रुपये का मुआवजा देने की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ट्रेजरी से संपर्क कर लिया गया है, और जल्द से जल्द मुआवजे की पूरी राशि पीड़ित परिवार के खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। वन विभाग की टीमें पूरी तरह मुस्तैद हैं और लोगों से लगातार अपील की जा रही है कि वे टाइगर मूवमेंट वाले संवेदनशील जंगलों में प्रवेश न करें।


