एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय एथलीटों का शानदार और ऐतिहासिक प्रदर्शन लगातार जारी है. पिछले चार दिनों में कई स्वर्ण पदक जीतने के बाद, प्रतियोगिता के पांचवें दिन भारत की झोली में एक और बड़ा गोल्ड मेडल आ गया है. देश की मशहूर पैरा एथलीट सुवर्णा राज ने महिलाओं के डिस्कस थ्रो (चक्का फेंक) इवेंट का खिताब अपने नाम कर लिया है. फाइनल मुकाबले में सुवर्णा ने 15.66 मीटर के अपने बेहतरीन थ्रो के साथ पहला स्थान हासिल करते हुए स्वर्ण (Suvarna Raj Gold Medal) पदक पर कब्जा जमाया. इस शानदार जीत के साथ ही एशियन पैरा गेम्स में भारत के कुल गोल्ड मेडल की संख्या बढ़कर 15 हो गई है.
व्हीलचेयर पर बैठकर किया शानदार प्रदर्शन
गुरुवार, 22 अक्टूबर की सुबह जापान के आइची-नागोया में भारत को यह बड़ी सफलता हासिल हुई. महिलाओं की F54 कैटेगरी इवेंट में हिस्सा ले रहीं सुवर्णा राज ने व्हीलचेयर पर बैठे-बैठे 15.66 मीटर की दूरी तक चक्का फेंका. आपको बता दें कि F54 कैटेगरी में वे दिव्यांग खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं जो सिर्फ बैठकर खेल सकते हैं, जिनमें मुख्य रूप से रीढ़ की चोट, पोलियो या निचले अंगों की असमानता वाले एथलीट शामिल होते हैं, जिनका शरीर का ऊपरी हिस्सा सक्रिय रहता है.
Suvarna Raj Gold Medal
इस मुकाबले की बात करें तो सुवर्णा को गोल्ड दिलाने वाला वह जादुई थ्रो करने के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ा था; उन्होंने अपने पांचवें प्रयास में 15.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. यह मुकाबला कितना ज्यादा करीबी था, इसका अंदाजा दूसरे स्थान पर रहीं ईरान की एथलीट शहला हदीदी के थ्रो से लगाया जा सकता है, जिन्होंने 15.45 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता, जबकि तीसरा स्थान वियतनाम की खिलाड़ी को मिला.


