सर्दियों के दिनों में दिल्ली वासियों के लिए वायु प्रदूषण एक गंभीर समस्या रही है। इस समस्या से सख्ती से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लेते हुए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का शुभारंभ किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने गुरुवार को इस 24 घंटे काम करने वाले अत्याधुनिक वॉर रूम का उद्घाटन किया। यह सेंटर रियल-टाइम में प्रदूषण के स्रोतों की निगरानी करेगा और निर्माण साइट्स तथा AQI स्टेशनों पर लाइव नजर रखेगा।
📊 707 निर्माण साइट्स और सभी AQI स्टेशनों की लाइव मॉनिटरिंग, 78 QRT टीमें रहेंगी मुस्तैद
यह देश का सबसे बड़ा AI-इनेबल्ड कंट्रोल सेंटर है, जिसके जरिए दिल्ली की पूरी मॉनिटरिंग की जाएगी। वर्तमान में 500 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र वाली 707 निर्माण साइट्स की CCTV और AI के माध्यम से निगरानी की जा रही है। इसके अलावा खुले में कचरा जलाने या बायोमास जलाने जैसी गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी। डेटा और जानकारी मिलने पर तुरंत कार्रवाई के लिए दिल्ली के 39 सब-डिवीजन में 78 QRT (क्विक रिस्पांस टीम) का गठन किया गया है, जो चार शिफ्टों में मुस्तैद रहेंगी।
⛽ ‘नो PUC, नो फ्यूल’ नियम लागू और ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल की अपील: पर्यावरण मंत्री ने दी अहम जानकारियां
प्रदूषण नियंत्रण के तहत दिल्ली में 1 अक्टूबर से ‘नो PUC, नो फ्यूल’ व्यवस्था लागू कर दी गई है, यानी वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) के बिना पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा। साथ ही, केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत 1,789.52 करोड़ रुपए के इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) से यातायात सुगम होगा और वाहनों के खड़े रहने से होने वाला प्रदूषण घटेगा। सरकार ने आगामी त्योहारों को देखते हुए लोगों से सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करने और केवल ग्रीन पटाखों का ही उपयोग करने की अपील की है।


