जयपुर/अजमेर। राजस्थान में हाल ही में संपन्न हुए निकाय चुनावों के नतीजों के बाद अब नगर निगमों में बोर्ड बनाने की सियासी जोड़-तोड़ तेज हो गई है। इन चुनावों में बड़ी संख्या में जीत दर्ज करने वाले निर्दलीय पार्षदों पर अब प्रमुख राष्ट्रीय दलों की नजरें टिक गई हैं। अजमेर में राजस्थान टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (RTDC) के पूर्व चेयरमैन (Urban Local Body Polls Ajmer) और वरिष्ठ कांग्रेस नेता धर्मेंद्र राठौड़ ने दावा किया है उन्हें निर्दलीय पार्षदों का पूर्ण समर्थन हासिल हो गया है और कांग्रेस अजमेर नगर निगम में अपना बोर्ड बनाने जा रही है।
निर्दलीय पार्षदों के समर्थन से अजमेर में मेयर पद का पूरा राजनीतिक समीकरण ही बदल गया है। दावा किया जा रहा है कि 5 निर्दलीय पार्षद आधिकारिक तौर पर कांग्रेस खेमे में शामिल हो गए हैं। इसके साथ ही कांग्रेस समर्थित पार्षदों की कुल संख्या बढ़कर 42 हो गई है। कांग्रेस से हाथ मिलाने वाले निर्दलीय पार्षदों में कैलाश कोमल, अजहर, पप्पू कुरैशी की बेटी सूफिया, विनोद तंवर और घनश्याम वर्मा का नाम शामिल है।
Urban Local Body Polls Ajmer – चुनावी नतीजों की घोषणा के बाद, मंगलवार को कांग्रेस के 37 विजेता पार्षद और 5 सहयोगी निर्दलीय पार्षद पूरी एकजुटता दिखाते हुए एक साथ अजमेर कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्ट्रेट कार्यालय में सभी 42 पार्षदों ने पद की शपथ ली और अपने जीत के सर्टिफिकेट प्राप्त किए। इसके तुरंत बाद सभी पार्षद एक साथ वापस रवाना हो गए।
चुनावी नतीजों के बाद बाड़ेबंदी तेज
14 सितंबर को निकाय चुनाव के नतीजे घोषित होने के तुरंत बाद से ही अजमेर की राजनीति में गर्माहट आ गई थी। संभावित सेंधमारी से बचाने के लिए कांग्रेस और भाजपा दोनों ही प्रमुख दलों ने अपने-अपने जीते हुए पार्षदों को सुरक्षित ठिकानों (रिसॉर्ट्स/कैंप) में बाड़ेबंदी के तहत रखा हुआ था। मुख्य मुकाबला इस बात का है कि कौन सा दल बहुमत साबित कर अपना बोर्ड और मेयर बनाएगा। 5 निर्दलीय पार्षदों के झुकाव से फिलहाल कांग्रेस का बोर्ड बनने की संभावनाएं सबसे ज्यादा नजर आ रही हैं।


