ग्रेटर नोएडा : ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र स्थित हल्द्वानी गांव में 6 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद निर्मम हत्या के मामले में पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुए आरोपी बलराज के खौफनाक अतीत की परतें तेजी से खुल रही हैं। बलराज एक शातिर और आदतन अपराधी था, जो पूर्व में भी मासूम बच्चों के (Greater Noida Encounter) साथ दुष्कर्म, हत्या और पॉक्सो (POCSO) एक्ट जैसे जघन्य मामलों में जेल की सजा काट चुका था। जमानत पर बाहर आते ही उसने पुनः एक मासूम को अपनी दरिंदगी का शिकार बना लिया।
Greater Noida Encounter – मासूम बच्ची शुक्रवार को अपने घर के बाहर खेलते समय संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। परिजनों की खोजबीन के बाद जब कोई सुराग नहीं लगा, तो पुलिस ने क्षेत्र के सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में आरोपी बलराज बच्ची को बहला-फुसलाकर ले जाता हुआ स्पष्ट दिखाई दिया। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से उसे हिरासत में लिया गया, जहां कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म स्वीकार किया।
3 महीने पहले ही जमानत पर आया था गांव
जेल में रहने के दौरान बलराज की मुलाकात तौसीफ नाम के कैदी से हुई थी। लगभग 3 महीने पहले जेल से रिहा होने के बाद तौसीफ उसे अपने घर हल्द्वानी गांव ले आया था, जहां वह मजदूरी का काम करता था। बलराज के खिलाफ वर्ष 2017 में सूरजपुर थाना क्षेत्र में अपहरण, दुष्कर्म, हत्या और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज हुआ था। इसके अलावा गाजियाबाद के लोनी थाना क्षेत्र में भी एक अन्य मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में न्यायालय द्वारा उसे सजा सुनाई जा चुकी थी।
मानसिक विकृति का शिकार था आरोपी
ग्रामीणों के अनुसार, आरोपी अत्यंत विकृत मानसिकता का व्यक्ति था और पूर्व में जानवरों के साथ अप्राकृतिक कृत्य करने जैसी शिकायतों में भी उसका नाम सामने आ चुका था। मुठभेड़ में मौत की सूचना के बाद परिजनों ने उसका शव स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया। बाद में पुलिस की समझाइश पर उसके भाई को शव सुपुर्द किया गया, जिसने उसका अंतिम संस्कार कराया।


