जामताड़ा : जिले में ‘मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना’ का अनुचित लाभ ले रहे लोगों के खिलाफ प्रशासनिक जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। प्रशासन द्वारा कराए गए व्यापक भौतिक सत्यापन (Administration will recover) के बाद लगभग 1500 लाभार्थियों को योजना के लिए पूरी तरह अयोग्य पाया गया, जिसके बाद तुरंत उनके नाम आधिकारिक लाभार्थी सूची से हटा दिए गए हैं।
मामूली दस्तावेजों की त्रुटि से परेशान पात्र महिलाएं
एक तरफ जहां अयोग्य लोगों को बाहर किया गया है, वहीं कई वास्तविक रूप से जरूरतमंद और पात्र महिलाएं दस्तावेजों में मामूली त्रुटियों की वजह से लाभ से वंचित हैं। पीड़िता मालती देवी ने बताया कि उनके पहचान पत्र (आधार) में उम्र 50 वर्ष से कम दर्ज है, जबकि राशन कार्ड में उम्र 50 वर्ष दर्ज हो गई है। इस तकनीकी विसंगति के कारण उनका आवेदन लंबित पड़ा है और वे पिछले दो-तीन महीनों से सुधार के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने को विवश हैं।
त्रुटियों की जांच जारी, पात्रों को जल्द मिलेगा लाभ
जामताड़ा के उपायुक्त आलोक कुमार ने स्पष्ट किया (Administration will recover) सत्यापन प्रक्रिया के तहत नियमों का उल्लंघन करने वाले लगभग 1500 अयोग्य लोगों को हटाया गया है। डीसी ने कहा कि जिन पात्र महिलाओं के आवेदनों में मामूली तकनीकी या दस्तावेजी गलतियां हैं, उनके मामलों की अलग से जांच कराई जा रही है। सत्यापन में सही पाए जाने पर उन्हें योजना का पूरा लाभ दिया जाएगा।


