कई लोगों को अक्सर आंखों से पानी आने की समस्या का सामना करना पड़ता है। आमतौर पर धूल, धुआं, तेज रोशनी या आंख में किसी बाहरी कण के चले जाने की वजह से आंखों में आंसू आ जाते हैं। इसके अलावा ठंडी या तेज हवा लगने, आंखों में जलन और अत्यधिक थकान के कारण भी पानी निकल सकता है। हालांकि, यदि आंखों से बार-बार या (frequent watering of eyes is not normal) लगातार पानी बह रहा है, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
आंखों से बार-बार पानी आने की मुख्य वजहें क्या हो सकती हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और हेल्थलाइन के अनुसार, आंखों से अत्यधिक आंसू बहने के पीछे (frequent watering of eyes is not normal) निम्नलिखित प्रमुख कारण हो सकते हैं:
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ड्राई आई सिंड्रोम: आंखों में पर्याप्त प्राकृतिक नमी न होने पर जलन होती है, जिसके जवाब में आंखें प्रतिक्रिया स्वरूप अधिक आंसू बनाने लगती हैं।
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एलर्जी और इन्फेक्शन: मौसमी एलर्जी, साइनस की समस्या, कंजंक्टिवाइटिस (आंख आना) या अन्य बैक्टीरियल इन्फेक्शन से पानी आने लगता है।
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पलकों से जुड़ी विकृतियां: पलकों में सूजन (ब्लेफेराइटिस), पलक का अंदर या बाहर की ओर मुड़ना अथवा पलक के बाल का आंख में चुभना।
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डॉक्टर से परामर्श कब लेना आवश्यक है?
यदि आंखों से पानी आने की समस्या कई दिनों तक लगातार बनी रहती है, तो नेत्र रोग विशेषज्ञ (आई स्पेशलिस्ट) से जांच कराना बेहद जरूरी है:
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गंभीर लक्षण: पानी आने के साथ आंखों में असहनीय दर्द, अत्यधिक लालिमा, सूजन, धुंधला दिखाई देना या रोशनी के प्रति अत्यधिक संवेदनशीलता (फोटोफोबिया)।
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चोट लगने पर: आंख में किसी बाहरी चोट या आघात के बाद लगातार पानी बहना।
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डिस्चार्ज होना: पानी के साथ पीला-हरा चिपचिपा पदार्थ निकलना या सुबह आंखें चिपक जाना।
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