रांची (झारखंड): राजधानी रांची स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी-सीजीएल (JSSC CGL) परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच सीबीआई (CBI) से कराने तथा (jpsc jssc exam controversy) पिछले 9 वर्षों में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं को रद्द करने की मांग को लेकर राज्यभर के छात्र अनिश्चितकालीन आंदोलन कर रहे हैं।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ही आंदोलनकारी छात्रों ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर आगामी 20 अगस्त को कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। छात्रों के इस बड़े ऐलान के बाद प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
jpsc jssc exam controversy – झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा कि झारखंड में अपनी बात रखने और धरना-प्रदर्शन करने की पूरी स्वतंत्रता है, क्योंकि राज्य में एक संवेदनशील और लोकतांत्रिक सरकार कार्य कर रही है।
मनोज पांडे ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत छात्रों को घेराव और प्रदर्शन का अधिकार है। हमारी सरकार छात्रों पर न तो लाठियां चलाती है और न ही पैलेट गन का उपयोग करती है। हालांकि, उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि छात्र कोचिंग संचालकों के बहकावे में आकर दिग्भ्रमित न हों। छात्र मासूम हैं और उन्हें टकराव के बजाय सरकार के साथ संवाद पर विश्वास रखना चाहिए, क्योंकि बातचीत के जरिए ही हर गतिरोध का समाधान संभव है।
छात्रों के आंदोलन को भाजपा का नैतिक समर्थन
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप ने आंदोलन को युवाओं के भविष्य की स्वतःस्फूर्त लड़ाई बताते हुए भारतीय जनता पार्टी की ओर से पूर्ण नैतिक समर्थन देने की घोषणा की। उन्होंने सरकार के इस दावे को खारिज किया कि 95 प्रतिशत मांगें मान ली गई हैं। भाजपा नेता ने कहा कि छात्रों की सबसे प्रमुख मांग पूरे मामले की निष्पक्ष सीबीआई (CBI) जांच कराने की है, जिसे स्वीकार करने से सरकार बच रही है।


