बोकारो/पाकुड़/जमशेदपुर/साहिबगंज : केंद्र सरकार के खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक (MMDR Amendment Bill) 2026 को संसद के दोनों सदनों से मंजूरी (JMM in cross mood) मिलने के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने केंद्र के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
JMM in cross mood – बैठक में उपस्थित नेताओं से आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा कर सुझाव लिए गए, जिन्हें केंद्रीय कमेटी के समक्ष रखा जाएगा। मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने स्पष्ट कहा कि यदि केंद्र सरकार ने इस कानून को वापस नहीं लिया, तो पार्टी राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ेगी। इसके तहत झारखंड से कोयला, लोहा, अभ्रक सहित अन्य खनिजों की ट्रांसपोर्टिंग पूरी तरह ठप की जाएगी और प्लांट्स में प्रोडक्शन पर भी रोक लगा दी जाएगी।
‘काले कानून’ के खिलाफ होगा चरणबद्ध आंदोलन: सांसद विजय हांसदा
पाकुड़ में आयोजित झामुमो की रणनीतिक बैठक में राजमहल सांसद विजय हांसदा ने केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। सांसद हांसदा ने कहा कि जिस जल्दबाजी में इस विधेयक को पारित कराया गया है, उससे भाजपा की मंशा उजागर होती है। पार्टी इस संशोधित बिल के खिलाफ तब तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रखेगी जब तक इसे वापस नहीं ले लिया जाता।
‘झारखंड से बाहर नहीं जाने देंगे खनिज संपदा, भले दिल्ली में अंधेरा छा जाए’
पाकुड़ की बैठक में झामुमो विधायक हेमलाल मुर्मू ने कड़े शब्दों में कहा कि पार्टी जन-जन तक पहुंचकर इस कानून के नुकसान बताएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने खान और जमीन के विनियमन से जुड़े राज्य के अधिकारों को छीनने का प्रयास किया है। यदि यह कानून वापस नहीं हुआ, तो झारखंड से खनिज संपदा बाहर नहीं भेजी जाएगी, चाहे इसके चलते देश की राजधानी में बिजली का संकट ही क्यों न खड़ा हो जाए।


