भोपाल : अन्य राज्यों से आकर मध्य प्रदेश के अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के अधिकारों को प्रभावित करने वाले बाहरी श्रमिकों की सुविधाओं पर राज्य सरकार जल्द ही बड़ा (only local sc st will get benefit) निर्णय लेने जा रही है। प्रदेश सरकार जंगलों से वनोपज एकत्रित करने वाले बाहरी मजदूरों को मिलने वाले वित्तीय बोनस (लाभांश) को बंद करने की योजना बना रही है।
only local sc st will get benefit – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुई राज्य कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में इस नीतिगत विषय पर गहन विचार-विमर्श किया गया। यद्यपि अभी इस पर अंतिम औपचारिक मोहर लगना शेष है, किंतु सरकार ने यह सैद्धांतिक रूप से तय कर लिया है कि वनोपज विक्रय से प्राप्त होने वाली लाभांश की राशि केवल मध्य प्रदेश के मूल निवासी श्रमिकों को ही प्रदान की जाएगी।
बाहरी श्रमिकों को अब नहीं मिलेगा लाभांश
उल्लेखनीय है कि सीजन के समय उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान जैसे पड़ोसी राज्यों से बड़ी संख्या में मौसमी मजदूर मध्य प्रदेश के सीमावर्ती वनों में वनोपज एकत्र करने पहुंचते हैं। अब तक इन बाहरी मजदूरों को दैनिक मजदूरी के साथ-साथ वार्षिक लाभांश (बोनस) का लाभ भी दे दिया जाता था। हालांकि, राज्य सरकार अब इस व्यवस्था को बदलते हुए बाहरी श्रमिकों को केवल मजदूरी तक ही सीमित करने और लाभांश पर पूरी तरह रोक लगाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है, ताकि राज्य के बजटीय संसाधनों का लाभ केवल प्रदेश के नागरिकों को प्राप्त हो सके।


