नई दिल्ली/रोहतक: संसद भवन के पटल पर रोहतक से कांग्रेस के (fast track court is BJP’s new slogan) वरिष्ठ सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने देश के लाखों छात्रों और युवाओं के आंदोलन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
fast track court is BJP’s new slogan – सांसद हुड्डा ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक को लेकर जो कानून/बिल लाई है, वह न तो उसने अपने मन से लाया है, न दिल से और न ही दिमाग से। उन्होंने कहा कि सरकार की असली नीयत तो शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों की आवाज को कुचलने और दबाने की थी। परंतु जब पानी नाक से ऊपर निकल गया, तो सरकार ने जनदबाव में आकर आनन-फानन में इस बिल की घोषणा की।
फास्ट ट्रैक कोर्ट को दीपेंद्र हुड्डा ने बताया बीजेपी का नया ‘जुमला’
संसद को संबोधित करते हुए दीपेंद्र हुड्डा ने मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए बनाए जाने वाले फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट का दावा भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार का एक नया ‘जुमला’ मात्र है। आंकड़े प्रस्तुत करते हुए उन्होंने बताया कि इस समय देश भर में लगभग 800 फास्ट ट्रैक कोर्ट संचालित हो रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद इनमें 2.50 लाख से अधिक मामले सालों से लंबित पड़े हैं।
2024 पेपर लीक में अब तक सबूत नहीं जुटा पाई CBI
60 दिनों के भीतर मामले की जांच पूरी करने के सरकारी दावे पर तंज कसते हुए सांसद हुड्डा ने केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सीबीआई जैसी शीर्ष एजेंसी वर्ष 2024 में हुए बहुचर्चित पेपर लीक मामलों की जांच में अब तक कोई ठोस सबूत जुटाने में नाकाम रही है।


