ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार एक ऐतिहासिक घटना बनने जा रहा है। उनके पार्थिव शरीर को उस स्थान पर ले जाया गया जहाँ उनकी हत्या हुई थी। इस प्रक्रिया के बाद 4 और 5 जुलाई को सार्वजनिक विदाई समारोह आयोजित किया जाएगा। रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का अनुमान है कि इस अंतिम विदाई (public farewell ceremony) में लगभग 2 करोड़ लोगों की रिकॉर्ड-तोड़ भीड़ शामिल हो सकती है।
अंतरराष्ट्रीय शोक और कूटनीतिक संवाद
खामेनेई के निधन पर दुनिया भर से शोक संदेश आ रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बात कर संवेदना व्यक्त की। इस दौरान होर्मुज स्ट्रेट, लेबनान संघर्ष-विराम और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की गई। वहीं, घाना के दूतावास ने भी उन्हें याद करते हुए कहा कि खामेनेई का दृष्टिकोण अफ्रीका को केवल एक बाजार नहीं, बल्कि सम्मानजनक देशों की ऐसी जगह के रूप में देखना था जो अपने पैरों पर खड़े होने के हकदार हैं।
अफ्रीका और स्वतंत्र देशों को लेकर खामेनेई का दृष्टिकोण
ईरान के दूतावास द्वारा साझा की गई यादों में बताया गया है कि खामेनेई चरमपंथ को बाहरी शक्तियों और पश्चिमी देशों की साजिश मानते थे। उनका स्पष्ट मानना था कि स्वतंत्र देशों का आपस में जुड़ना ही इस (public farewell ceremony) समस्या का एकमात्र समाधान है। उनके ये विचार ईरान के साथ-साथ कई अफ्रीकी और विकासशील देशों में भी सम्मान के साथ याद किए जा रहे हैं।


