कोल्हापुर: महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और भाजपा विधायक नितेश राणे अपने तीखे बयानों को लेकर एक बार फिर चर्चा में हैं। कोल्हापुर के विशालगढ़ में आयोजित शिवराज्याभिषेक समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वे ‘सर्वधर्म समभाव’ और ‘गंगा-जमुनी तहजीब’ के विचारों को नहीं मानते हैं। उन्होंने कहा कि (controversial statement of Nitesh Rane) उनका ध्यान केवल हिंदू हितों की रक्षा पर केंद्रित है।
‘हम सिर्फ हिंदू हैं, पहले हिंदुत्व का हित देखेंगे’
नितेश राणे ने अपनी चुनावी जीत का श्रेय हिंदुत्ववादी विचारों को दिया। उन्होंने कहा कि 2014 की तुलना में 2024 में उनकी जीत का अंतर बढ़ा है क्योंकि उन्होंने कट्टर हिंदुत्व के साथ चुनाव लड़ा। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उन्हें ‘हरे रंग के वोटर्स’ से कोई लेना-देना नहीं है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि यह एक हिंदुत्ववादी सरकार है, जिसे केवल हिंदू वोटों के समर्थन से चुना गया है।
‘राज्य में लागू होगा समान नागरिक कानून’
समान नागरिक कानून (UCC) पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए राणे ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज इसके सच्चे जनक थे। उन्होंने मांग की कि जो नियम हिंदुओं पर लागू होते हैं, वे अन्य धर्मों पर भी अनिवार्य रूप से लागू होने चाहिए। उन्होंने घोषणा की कि महाराष्ट्र में समान नागरिक कानून को हर हाल में लागू किया जाएगा।
‘धर्मनिरपेक्षता’ पर साधा निशाना
राणे ने उन लोगों पर भी निशाना साधा जो शिवाजी महाराज को धर्मनिरपेक्ष बताते हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक को समझते हैं, उन्हें आज की सच्चाई देखनी चाहिए। उन्होंने (controversial statement of Nitesh Rane) समारोह में मुस्लिम समुदाय की अनुपस्थिति पर भी सवाल खड़े किए और कहा कि यही उनके और विरोधियों के बीच ‘खून का फर्क’ है।


