खूंटी: झारखंड के खूंटी जिले की पुलिस को रविवार सुबह एक बड़ी कामयाबी मिली है। जरियागढ़ थाना क्षेत्र के तिलमी जंगल में पुलिस और प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई (PLFI) के बीच हुई मुठभेड़ में संगठन के टॉप कमांडर श्रवण दास को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस की जवाबी फायरिंग में कमांडर के पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उसे बेहतर इलाज के लिए रांची के रिम्स (RIMS) में भर्ती कराया गया है।
🕵️♂️ गुप्त सूचना पर संयुक्त छापेमारी
पुलिस को गोपनीय जानकारी मिली थी कि उग्रवादी किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने के लिए जंगल में इकट्ठा हुए हैं। इस सूचना के बाद जरियागढ़ और कर्रा पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी की। जैसे ही पुलिस वहां पहुंची, उग्रवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में कमांडर श्रवण दास घायल हो गया। इस अभियान में पुलिस ने कमांडर के साथ उसके दस्ते के 6 अन्य सदस्यों—सामु ढोढराय, सुदर्षन सोय, सलीम बोदरा, हर्षित गुड़िया, उमर खान, अलियास नील खान और विष्णु मांझी को भी गिरफ्तार किया है।
💣 भारी मात्रा में हथियार और डायरी बरामद
खूंटी एसपी ऋषभ गर्ग ने पुष्टि की कि उग्रवादियों के पास से चार पिस्टल, कई देशी कट्टे और एक दर्जन से अधिक जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई में सबसे महत्वपूर्ण बरामदगी एक ‘डायरी’ है, जिसमें क्षेत्र के कई ठेकेदारों के मोबाइल नंबर और उग्रवादियों की संभावित वारदातों का पूरा कच्चा-चिट्ठा दर्ज है। यह डायरी जांच के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
📉 आतंक का पर्याय बना था कमांडर श्रवण दास
एसपी ऋषभ गर्ग के अनुसार, श्रवण दास तोरपा और कर्रा इलाके में आतंक फैला रखा था। उस पर रेलवे कंस्ट्रक्शन साइट पर गोलीबारी, आगजनी और रंगदारी वसूलने जैसे गंभीर मामले दर्ज थे। वह लंबे समय से पुलिस की वांटेड सूची में था और उस पर पीसीए (PCA) कानून के तहत भी कार्रवाई की गई थी। फिलहाल, जंगल में व्यापक सर्च ऑपरेशन जारी है ताकि इस गिरोह के बाकी सदस्यों तक पहुँचा जा सके।


