अजमेर: राजस्थान के अजमेर स्थित सावित्री स्कूल परीक्षा केंद्र पर NEET-UG 2026 पुनर्परीक्षा के दौरान उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब बुर्का पहनकर पहुंची एक छात्रा को प्रवेश देने से इनकार कर दिया गया। ब्यावर की रहने वाली छात्रा कुलसुम का आरोप था कि उसकी धार्मिक पहचान के कारण उसे परीक्षा से वंचित करने का प्रयास किया गया, जिससे वह बेहद निराश थी।
📋 प्रवेश न मिलने पर बढ़ गया विवाद
छात्रा के परिजनों ने बताया कि उनकी दो बेटियां परीक्षा दे रही थीं, जिनमें से एक को दूसरे केंद्र पर कोई समस्या नहीं हुई, लेकिन यहां कुलसुम को रोक दिया गया। छात्रा का कहना था कि वह सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ परीक्षा देने आई थी, लेकिन अपनी धार्मिक आस्था और पहचान से समझौता करना उसके लिए संभव नहीं था। इस मुद्दे को लेकर केंद्र के बाहर काफी देर तक गहमागहमी और प्रशासन के साथ बातचीत का दौर चलता रहा।
✅ सुरक्षा जांच और पहचान की पुष्टि के बाद राहत
विवाद बढ़ता देख केंद्र पर तैनात अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों से संपर्क किया। वरिष्ठ अधिकारियों से मिले निर्देशों के बाद, एक तय प्रक्रिया अपनाई गई। छात्रा की सघन सुरक्षा जांच और पहचान की पुष्टि होने के बाद, अंततः उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दे दी गई, जिससे वह अपनी परीक्षा में शामिल हो सकी।
⚖️ नियमों और आस्था के बीच संतुलन
यह घटना प्रतियोगी परीक्षाओं में ड्रेस कोड और धार्मिक पहचान के बीच के संवेदनशील संतुलन को एक बार फिर सामने लाती है। प्रशासन की ओर से परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सख्त नियम होते हैं, वहीं दूसरी ओर छात्रों की अपनी धार्मिक भावनाएं भी जुड़ी होती हैं। इस मामले में समय रहते प्रशासन द्वारा समाधान निकालने से छात्रा का एक कीमती साल बर्बाद होने से बच गया।


