पंजाब में रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी (PRTC) कर्मचारियों द्वारा शुरू की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल ने राज्य भर में यातायात व्यवस्था को अस्त-व्यस्त कर दिया है। आज दोपहर 12 बजे से सरकारी बसों का चक्का जाम होने के कारण हजारों यात्रियों को अपनी मंजिल तक पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। बस अड्डों पर (Punjab Bus Strike News) यात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है और प्रदर्शनकारी कर्मचारी सरकार के खिलाफ लामबंद हैं।
क्यों शुरू हुई हड़ताल? मुख्य मांगे और आरोप
यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष सरबजीत सिंह भुल्लर के अनुसार, यह संघर्ष सरकार की उपेक्षा के कारण छिड़ा है। उनकी मुख्य शिकायतें और मांगें निम्नलिखित हैं:
-
-
निजीकरण का विरोध: कर्मचारी विभागों के निजीकरण को लेकर चिंतित हैं।
-
-
-
नियमितीकरण की मांग: चार साल से अधिक का समय बीतने के बाद भी किसी भी कर्मचारी को नियमित नहीं किया गया है।
-
-
-
नई बसों का अभाव: पिछले चार वर्षों से विभाग के बेड़े में एक भी नई सरकारी बस शामिल नहीं की गई है।
-
-
-
दमनकारी नीति: आंदोलनकारी कर्मचारियों पर मामले दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई से रोष व्याप्त है।
-
सीएम आवास घेराव की चेतावनी
यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर कड़ा रुख अपना लिया है। कर्मचारी नेताओं ने ऐलान किया है कि यदि सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी, तो कल यानी 11 जून को मुख्यमंत्री के चंडीगढ़ स्थित आवास का घेराव किया (Punjab Bus Strike News) जाएगा। यह हड़ताल पंजाब में आने वाले दिनों में और भी बड़ी प्रशासनिक चुनौती बन सकती है।


