पंजाब की 8 नगर निगमों में मेयर पद के लिए कल (मंगलवार) होने वाले चुनावों को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। पार्षदों को अपने पाले में बनाए रखने के लिए राजनीतिक दलों ने ‘बाड़ाबंदी’ का सहारा लेना शुरू कर दिया है। मोहाली के 22 पार्षदों के फोन बंद हैं और उनके हिमाचल प्रदेश में होने की चर्चा है, जबकि (barricade of councilors) बठिंडा के ‘आप’ पार्षदों को सालासर धाम की यात्रा पर भेजा गया है।
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🏟️ मोहाली और पठानकोट में रोचक मुकाबला
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मोहाली: मेयर पद की दावेदारी के लिए पेंच फंस गया है। यहाँ MLA कुलवंत सिंह के बेटे सरबजीत सिंह समाना और वाटर सप्लाई एवं सीवरेज बोर्ड अध्यक्ष सनी अहलूवालिया के बीच कड़ी टक्कर है। सरबजीत सिंह समाना के साथ करीब 22 पार्षदों के हिमाचल जाने की खबर है।
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पठानकोट: यहाँ किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत न मिलने से चुनाव बेहद दिलचस्प हो गया है। सत्ता की चाबी के लिए कांग्रेस, भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन की अटकलें तेज हैं।
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🚩 कहाँ किसे मिला बहुमत?
नगर निगमों की स्थिति पर नजर डालें तो आम आदमी पार्टी (AAP) का पलड़ा भारी है।
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‘आप’ को बहुमत: बरनाला, मोगा, बटाला, बठिंडा और मोहाली।
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भाजपा/कांग्रेस: अबोहर (भाजपा) और कपूरथला (कांग्रेस) ने पूर्ण बहुमत हासिल किया है।
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⚔️ बटाला और बठिंडा की स्थिति
बटाला में ‘आप’ ने 50 में से 30 सीटें जीतकर बहुमत का आंकड़ा (26) पार कर लिया है, इसलिए वहां मेयर की कुर्सी तय है। वहीं बठिंडा में ‘आप’ के पास 35 पार्षद हैं, जिससे वहां भी पार्टी का मेयर बनना (barricade of councilors) लगभग निश्चित है। बठिंडा में पूर्व मेयर पदमनजीत मेहती का नाम दावेदारी में सबसे आगे चल रहा है।


