राज्य सरकार ने हिसार में अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर (AKIC) के तहत विकसित होने जा रहे एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर (IMC) प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने इस परियोजना के लिए ट्रांसफर की गई कुल 2,988 एकड़ भूमि पर लगने वाले पूरे स्टाम्प शुल्क और रजिस्ट्री फीस को माफ कर दिया है। राजस्व एवं (Hisar industrial cluster) आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं।
प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति और अगले चरण
यह औद्योगिक क्लस्टर हिसार और आसपास के इलाकों में उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। प्रोजेक्ट अब कागजों से निकलकर जमीन पर उतरने के लिए पूरी तरह तैयार है। भूमि अधिग्रहण, विभागों के बीच जमीन का ट्रांसफर, टैक्स माफी और पर्यावरण संबंधी सभी जरूरी क्लीयरेंस मिल चुके हैं। अगले चरण में सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इसके बाद उद्योगपतियों को प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
हरियाणा को कैसे मिलेगा आर्थिक लाभ
हिसार एयरपोर्ट के पास बनने वाले इस एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर से हरियाणा को आर्थिक, औद्योगिक और रोजगार के क्षेत्र में जबरदस्त लाभ होगा। यह प्रोजेक्ट हरियाणा को उत्तर भारत का सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स हब बना सकता है। अनुमान के अनुसार, इससे करीब सवा लाख रोजगार के अवसर पैदा (Hisar industrial cluster) होंगे और 32 हजार करोड़ से अधिक का निवेश आने की संभावना है। बड़ा लाभ मिलेगा।


