महाराष्ट्र के पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड़ और आसपास के इलाकों में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे अब तक 24 लोगों की जान जा चुकी है। राज्य सरकार ने इस बड़ी (Pune Spurious Liquor Tragedy) जनहानि को गंभीरता से लेते हुए कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में पुलिस और राज्य उत्पाद शुल्क विभाग के 21 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
Pune Spurious Liquor Tragedy – जांच की कड़ियां अब ठाणे जिले के भिवंडी से जुड़ रही हैं। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने भिवंडी के एक गोदाम से 5,929 लीटर मेथेनॉल बरामद किया है, जिसके बारे में आशंका है कि इसी का उपयोग जहरीली शराब बनाने में किया गया था। इस खुलासे के बाद हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब तक 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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पुणे कांड के बाद राज्य भर में अवैध शराब माफियाओं के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू हो गया है। पुणे ग्रामीण के मुळशी तालुका के विभिन्न क्षेत्रों में पुलिस ने 10 से 12 हाथभट्टी शराब के अड्डों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया है। इसके साथ ही, उत्पाद शुल्क विभाग ने 4,480 लीटर अवैध देसी शराब जब्त की है और करीब 42 हजार लीटर रसायनों को मौके पर ही नष्ट कर दिया है।
मृतकों के लिए आर्थिक सहायता और फॉरेंसिक जांच
राज्य सरकार ने इस दुखद घटना में जान गंवाने वाले परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री सहायता निधि से 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही, मौतों के सटीक वैज्ञानिक कारणों का पता लगाने के लिए मृतकों के विसेरा (Viscera) नमूने फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। जांच एजेंसियां अब इस सप्लाई चेन को पूरी तरह से तोड़ने के लिए सक्रिय हैं।

