पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के एक महीने बाद अब मंत्रिमंडल के विस्तार की प्रक्रिया तेज हो गई है। वर्तमान में केवल 5 मंत्रियों के साथ काम चल रहा है, लेकिन सूत्रों के अनुसार सोमवार को कैबिनेट का बड़ा विस्तार हो सकता है। राज्य कैबिनेट में कुल 33 सदस्यों को शामिल करने की योजना है, जिससे सरकार के कामकाज में और तेजी आएगी।
📋 संभावित मंत्रियों की दौड़ में ये दिग्गज
कैबिनेट विस्तार में अनुभवी और नए चेहरों का संतुलन देखने को मिल सकता है। सूत्रों के अनुसार:
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स्वपन दासगुप्ता: राश बिहारी के विधायक स्वपन दासगुप्ता का नाम सबसे आगे है। चर्चा है कि उन्हें शिक्षा मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
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तपस रॉय: मानिकतला से विधायक और वर्तमान कार्यवाहक अध्यक्ष तपस रॉय भी कैबिनेट के प्रमुख चेहरों में शामिल हो सकते हैं।
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अन्य संभावित नाम: शंकर घोष, रुद्रनील घोष, रूपा गंगोपाध्याय, चंदना बाउरी और अशोक डिंडा जैसे नेताओं को भी मंत्रिमंडल में स्थान मिलने की संभावना है।
💼 वर्तमान मंत्रियों के विभाग
सरकार के शुरुआती गठन में ही पांच प्रमुख विभागों का प्रभार सौंपा जा चुका है:
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दिलीप घोष: पंचायत एवं ग्रामीण विकास, पशुपालन एवं कृषि विपणन।
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अग्निमित्र पॉल: महिला एवं बाल कल्याण, नगर एवं ग्रामीण विकास।
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निशिथ प्रमाणिक: उत्तर बंगाल विकास एवं खेल विभाग।
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अशोक कीर्तनिया: खाद्य विभाग।
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खुदीराम टुडू: पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं अल्पसंख्यक मामले।
🚀 प्रशासनिक मजबूती की ओर कदम
कैबिनेट का विस्तार राज्य सरकार को प्रशासनिक रूप से अधिक मजबूत बनाएगा। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार अब राज्य की शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी विकास की योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए अनुभवी टीम तैयार कर रही है। अब सबकी निगाहें सोमवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं।
संपादकीय टिप्पणी: किसी भी राज्य के विकास के लिए कैबिनेट में अनुभवी और युवा चेहरों का सही संतुलन होना बेहद जरूरी है। क्या आपको लगता है कि शिक्षा विभाग जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय में स्वपन दासगुप्ता जैसे अनुभवी व्यक्ति का आना राज्य की शिक्षण व्यवस्था में कोई क्रांतिकारी बदलाव ला पाएगा? अपने विचार नीचे साझा करें।


