पश्चिम बंगाल में लगातार बढ़ती राजनीतिक हिंसा के बीच अब टीएमसी के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी पर हमले की खबर ने सनसनी फैला दी है। शनिवार को चंडीतला में प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ नारेबाजी की और कथित रूप से उन पर पत्थर फेंके, जिससे सांसद घायल हो गए। कल्याण बनर्जी ने इस हमले के पीछे भाजपा का हाथ बताया है और राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
⚔️ क्या है पूरा मामला?
सांसद कल्याण बनर्जी ने बताया कि वे चंडीतला पुलिस स्टेशन में ज्ञापन देने जा रहे थे। रास्ते में भारी ट्रैफिक के कारण वे पैदल चल रहे थे, तभी भगवा रंग के कपड़े पहने 10-15 लोगों ने उन्हें घेर लिया और ‘चोर-चोर’ के नारे लगाने लगे। सांसद के अनुसार, स्थिति तब भयावह हो गई जब उन पर पत्थर फेंके गए, जिससे उनके सिर से खून बहने लगा और वे सड़क पर गिर गए। उन्होंने अपनी जान बचाने के लिए सीआरपीएफ के जवान का आभार जताया है।
👮 बंगाल पुलिस पर उठे सवाल
कल्याण बनर्जी ने स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्हें ‘मूक दर्शक’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के समय बंगाल पुलिस ने आरोपियों को रोकने की कोई कोशिश नहीं की। सांसद ने इसे सोची-समझी साजिश और उन्हें जान से मारने का प्रयास करार दिया है।
⚖️ तनाव के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
कल्याण बनर्जी शनिवार को सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले और गिरफ्तार पार्टी कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग को लेकर चंडीतला थाना पहुंचे थे। इस घटना के बाद क्षेत्र में भारी तनाव का माहौल है। किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों (CRPF) की भारी तैनाती कर दी गई है।
संपादकीय टिप्पणी: पश्चिम बंगाल में जनप्रतिनिधियों पर लगातार हो रहे हमले लोकतांत्रिक मूल्यों और राज्य की शांति के लिए चिंताजनक हैं। क्या आपको लगता है कि इस तरह के बढ़ते राजनीतिक टकरावों को रोकने के लिए चुनाव आयोग या अन्य केंद्रीय संस्थाओं के सीधे हस्तक्षेप की आवश्यकता है? अपने विचार नीचे साझा करें।


