चंडीगढ़ : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के वरिष्ठ अधिकारी और पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के सीएमडी बसंत गर्ग, (money laundering case) निदेशक (वाणिज्यिक) हरशरण कौर त्रेहन और गिरफ्तार किए गए पंजाब के पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा के दो कथित सहयोगियों को पूछताछ के लिए तलब किया है।
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आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, लुधियाना में फिनडोक फिनवेस्ट प्राइवेट लिमिटेड नामक वित्तीय निवेश और स्टॉकब्रोकर कंपनी चलाने वाले हेमंत सूद और जालंधर स्थित व्यवसायी व कथित सटोरिये चंद्रशेखर अग्रवाल को भी समन भेजा गया है। इन दोनों व्यवसायियों के अलावा पीएसपीसीएल के दोनों शीर्ष अधिकारियों को सोमवार (18 मई) से देश की राजधानी दिल्ली में संघीय एजेंसी (ED) के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए कहा गया है, जहां मामले से जुड़े वित्तीय लेन-देन को लेकर इनसे सघन पूछताछ की जाएगी।
⚖️ PMLA के तहत समन जारी
अधिकारियों ने बताया कि ये सभी समन धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत जारी किए गए हैं। गौरतलब है कि मोबाइल फोन की थोक बिक्री से जुड़े कथित 100 करोड़ रुपये के बड़े जीएसटी (GST) धोखाधड़ी मामले में संजीव अरोड़ा (62) को नौ मई को चंडीगढ़ स्थित उनके आधिकारिक आवास से ईडी ने गिरफ्तार किया था। संजीव अरोड़ा (money laundering case) पंजाब सरकार में विद्युत, उद्योग और वाणिज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनकी गिरफ्तारी के तुरंत बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने उनके सभी विभागों को अन्य मंत्रियों को सौंप दिया था।


