देशभर में जल्द ही टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों और बैरियर सिस्टम से लोगों को राहत मिलने वाली है. केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों पर नई मल्टी-लेन फ्री-फ्लो (MLFF) टोल प्रणाली लागू करने जा रही है, जिसके तहत वाहन बिना रुके हाईवे से गुजर सकेंगे और टोल टैक्स अपने आप कट जाएगा. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं (Toll barriers will end in the country) राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने संसद में इस नई व्यवस्था की जानकारी दी है. वर्तमान में देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों पर 1,087 से अधिक टोल प्लाजा संचालित हैं, जिनका प्रबंधन NHAI द्वारा किया जाता है.
इन राज्यों में है सबसे अधिक टोल प्लाजा
राजस्थान में 156, उत्तर प्रदेश में 97, मध्य प्रदेश में 90 और महाराष्ट्र 89 में सबसे अधिक टोल प्लाजा हैं. नई तकनीक के तहत 2026 तक, सरकार सभी टोल प्लाजा पर एआई-आधारित (GNSS) सिस्टम लागू कर रही है, जिससे 80 किमी/घंटा की गति से बिना रुके गाड़ियां गुजर सकें.
कैसे काम करेगी नई तकनीक?
नई एमएलएफएफ प्रणाली पूरी तरह तकनीक आधारित होगी. इसमें RFID आधारित FASTag और एआई से लैस ANPR यानी ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा. हाईवे पर लेन के ऊपर लगाए गए गैन्ट्री सिस्टम वाहन की नंबर प्लेट और FASTag को स्कैन करेंगे. इसके बाद वाहन मालिक के खाते से कुछ ही सेकेंड में टोल टैक्स अपने आप कट जाएगा. इस प्रक्रिया में वाहन को कहीं रुकने या गति कम करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
कहां-कहां शुरू की जा रही नई व्यवस्था?
देश में इस नई व्यवस्था की शुरुआत गुजरात के चोर्यासी टोल प्लाजा से की जा रही है, जिसे देश का पहला बाधा-रहित टोल प्लाजा बनाया जा रहा है. इसके अलावा, हरियाणा के घरौंदा टोल शुल्क में (Toll barriers will end in the country) राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर मल्टी-लेन फ्री फ्लो आधारित टोल व्यवस्था लागू करने के लिए आईसीआईसीआई बैंक के साथ भी एक समझौते पर हस्ताक्षर किया गया है.


