दुनिया भर में तेल और गैस सप्लाई का सबसे अहम रास्ता, हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait), फिर ठप पड़ गया है. ईरान ने इस इलाके से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर न सिर्फ गोलियां दागी हैं, बल्कि इस पूरे रास्ते को अनिश्चितकाल के लिए ब्लॉक करने की चेतावनी भी दे डाली है. अमेरिका और ईरान के बीच गहराते (firing on ships) इस तनाव का सीधा असर अब कच्चे तेल की कीमतों और शेयर बाजार पर पड़ने की आशंका है, जो हाल ही में युद्ध की आशंकाएं कम होने से थोड़ी राहत की सांस ले रहे थे.
ईरान के इस कदम ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार में हड़कंप मचा दिया है. ईरान की ताकतवर सैन्य इकाई, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने सख्त फरमान जारी किया है कि फारस की खाड़ी और ओमान सागर में खड़े जहाज अपनी जगह से न हिलें. चेतावनी दी गई है कि अगर कोई भी जहाज हॉर्मुज की तरफ बढ़ने की जुर्रत करता है, तो उसे दुश्मन का सहयोगी मानकर सीधा निशाना बनाया जाएगा.
firing on ships – हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ब्रितानी नौसेना ने भी पुष्टि की है कि IRGC की गनबोट्स ने एक टैंकर के बेहद करीब आकर फायरिंग की है. गनीमत रही कि जहाज और उसका क्रू सुरक्षित बच गया. लेकिन ओमान के तट के पास एक कंटेनर शिप पर हुए अज्ञात हथियार से हमले ने जहाजरानी कंपनियों की चिंताएं कई गुना बढ़ा दी हैं.
दुनिया की ‘तेल की धमनी’ पर ब्रेक
दरअसल, हॉर्मुज स्ट्रेट कोई आम समुद्री रास्ता नहीं है. यह ग्लोबल एनर्जी सप्लाई की मुख्य लाइफलाइन है. दुनिया भर का करीब 20 फीसदी कच्चा तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है.बीते शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में शांति की उम्मीदों के चलते ब्रेंट क्रूड करीब 9 फीसदी टूटकर 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया था. इससे पेट्रोल-डीजल सस्ता होने की उम्मीद जगी थी और शेयर बाजार भी इसी पॉजिटिव सेंटीमेंट में ऊपर चढ़ रहा था. लेकिन ईरान की इस ताजा नाकेबंदी ने बाजार की इस खुशी को ग्रहण लगा दिया है.


