पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि पंजाब की ‘शिक्षा क्रांति’ ज़मीनी स्तर पर नतीजे दे रही है और आम परिवारों की बेटियों ने पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की आठवीं कक्षा की मेरिट (education revolution) लिस्ट में पहले 20 में से 19 स्थान हासिल करके दबदबा बना लिया है। चंडीगढ़ में अपने आवास पर शीर्ष विद्यार्थियों का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की कि पहले 20 विद्यार्थियों को बिना किसी एडमिशन परीक्षा के स्कूल ऑफ एमिनेंस में सीधा प्रवेश दिया जाएगा.
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मुख्यमंत्री ने पहले तीन स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों को 50-50 हजार रुपए के नकद इनाम से सम्मानित किया और विद्यार्थियों से अपील की कि वे ज़मीन से जुड़े रहें, कड़ी मेहनत करें और सही रोल मॉडल चुनें। उन्होंने कहा कि पंजाब के बदले हुए सरकारी स्कूल अब शिक्षा में राष्ट्रीय मानक के रूप में उभर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन विद्यार्थियों द्वारा दिखाया गया आत्मविश्वास, अनुशासन और दृढ़ता शिक्षा में निरंतर निवेश के प्रभाव को दर्शाती है।
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education revolution
मुख्यमंत्री ने कहा, “इस साल के नतीजों में पहला स्थान ईंटों के भट्ठे पर काम करने वाले मुनीम की होनहार बेटी ने हासिल किया है, जबकि दूसरा और तीसरा स्थान क्रमशः टाइलों की दुकान के मालिक और एक सरकारी प्राइमरी स्कूल के शिक्षक की बेटियों ने प्राप्त किया है। ये नतीजे स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि आम परिवारों के बच्चे अब शिक्षा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहे हैं। इन बच्चों के आत्मविश्वास, कड़ी मेहनत और समर्पण को देखकर हमें बहुत खुशी और गर्व महसूस हुआ।”


