ईरान-अमेरिका के बीच सीजफायर को लेकर शनिवार को बैठक होनी है. ये बैठक पाकिस्तान की मध्यस्थता में राजधानी इस्लामाबाद में रखी गई है. दुनिया के सुपर पावर और ईरान के साथ एक ऐसे युद्ध में सीजफायर कराना, जो तीसरे विश्व युद्ध की तरफ दुनिया को धकेल सकता था, पाकिस्तान के लिए एक बड़ी उपलब्धी माना जा रही है. इस (Iran US Talks) समय पूरी दुनिया की नजरें इस्लामाबाद पर हैं, वो चर्चा के केंद्र में है.
फेडरल कैपिटल के रेड जोन में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और शहर में दो दिनों की छुट्टी का ऐलान किया गया है. इस्लामाबाद का रेड ज़ोन हाई-सिक्योरिटी वाला सरकारी सेंटर है, जिसमें प्रेसिडेंट हाउस, प्राइम मिनिस्टर हाउस, पार्लियामेंट और डिप्लोमैटिक एम्बेसी हैं. इस एरिया में ईरान और अमेरिकी डेलीगेट्स के बीच हाईलेवल मीटिंग होनी है. इस पूरे एरिया को सील कर दिया गया है.
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बातचीत की सेंसिटिविटी और अहमियत को देखते हुए, सभी लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों और सिक्योरिटी फोर्स को सुरक्षा में लगाया गया है. डेलीगेशन के आने-जाने, रुकने और मीटिंग के दौरान ब्लू बुक के तहत VVIP प्रोटोकॉल लागू किया जाएगा. पुलिस, पैरामिलिट्री ट्रूप्स और दूसरे सिक्योरिटी फोर्स ब्लू बुक में बताई गई सख्त गाइडलाइंस और दूसरे लागू स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर के तहत ड्यूटी करेंगे. डेलीगेशन के आने-जाने के लिए अलग रास्ते भी तैयार किए जा रहे हैं.
Iran US Talks – वॉल स्ट्रीट जनरल ने रिपोर्ट किया कि ईरान का एक डेलीगेशन गुरुवार देर रात पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचा है. उन्होंने बताया कि डेलीगेशन को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और पार्लियामेंट स्पीकर मोहम्मद-बाघेर गालिबफलीड कर रहे हैं. वहीं अमेरिकी डेलिगेशन को उप राष्ट्रपति जेडी वेंस लीड करेंगे. अमेरिका के उप-राष्ट्रपति का मोटरकेड भी पाकिस्तान पहुंच चुका है, जिसमें दर्जनों हाई सिक्योरिटी गाड़ियां शामिल हैं.

