उत्तराखंड के रुड़की से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने पुलिस प्रशासन और कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी. आज जैसे की कोर्ट ने एक दोषी को सजा सुनाई वह (check bounce case) चंद मिनटों में पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया. इस घटना के बाद से ही रुड़की कोर्ट से लेकर जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है.
कोर्ट में रोजाना की तरह कार्यवाही चल रही थी. इसी दौरान कलियर थाना क्षेत्र के रहमतपुर निवासी नीरज के खिलाफ चल रहे चेक बाउंस के एक मामले में सुनवाई अंतिम दौर में थी. अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद नीरज को दोषी करार दिया.
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जैसे ही न्यायाधीश ने नीरज को 2 साल की कड़ी सजा और जुर्माने का फैसला सुनाया, वैसे ही कोर्ट रूम में सन्नाटा पसर गया. नियम के मुताबिक सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद दोषी को हिरासत में लिया जाना था. कोर्ट मोहर्रिर और वहां तैनात पुलिस टीम नीरज को अपनी कस्टडी में लेकर कागजी कार्रवाई पूरी करने की तैयारी कर रही थी.
check bounce case – प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पुलिस टीम जैसे ही दोषी नीरज को कोर्ट रूम से बाहर लेकर निकली, उसने स्थिति का फायदा उठाने की योजना बना ली थी. जैसे ही पुलिसकर्मी उसे लेकर मुख्य बरामदे की ओर बढ़े, नीरज ने अचानक झटके से खुद को छुड़ाया और चीते की रफ्तार से भीड़ में ओझल हो गया. जब तक पुलिसकर्मी संभल पाते और उसका पीछा करते वह कोर्ट परिसर की दीवार फांदकर फरार हो गया.


