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    Home » पौष मास में न करें ये गलती: विवाह, मुंडन जैसे शुभ कार्य वर्जित क्यों हैं? जानें ज्योतिषीय कारण।

    पौष मास में न करें ये गलती: विवाह, मुंडन जैसे शुभ कार्य वर्जित क्यों हैं? जानें ज्योतिषीय कारण।

    December 2, 2025 धार्मिक 2 Mins Read
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    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पौष मास में सूर्य देव का विशेष महत्व रहता है. इस समय सूर्य दक्षिणायन की ओर रहते हैं और शीत ऋतु का प्रभाव बढ़ जाता है. कहा जाता है कि इस कालखंड में देवताओं की ऊर्जा विश्राम अवस्था में होती है, इसलिए शुभ कामों के फल में कमी आने की आशंका रहती है. इसी वजह से शादी, गृह प्रवेश या मुंडन जैसे (do not make this mistake) मांगलिक कार्यों पर विराम लगाया जाता है.

    do not make this mistake – पंचांग के अनुसार, पौष माह की शुरुआत 5 दिसंबर 2025, शुक्रवार को हो रही है और इसका समापन 3 जनवरी 2026, शनिवार को होगा. पौष मास में मांगलिक कार्य न करने के पीछे मुख्य धार्मिक और ज्योतिषीय कारण ‘खरमास’ है.

    इसे भी पढ़ें – आज है गीता जयंती! इस खास दिन पर करें इस महामंत्र का पाठ, आप पर बरसेगी भगवान श्रीकृष्ण की विशेष कृपा

     भूलकर भी न करें ये मांगलिक कार्य!

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, खरमास (पौष मास) की अवधि में इन शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है.

    विवाह: यह सबसे प्रमुख कार्य है जो पौष मास में नहीं किया जाता है. माना जाता है कि इस दौरान किए गए विवाह में सुख-समृद्धि और दांपत्य जीवन में मधुरता का अभाव रहता है.

    गृह प्रवेश: नए घर में प्रवेश करना या मकान का निर्माण शुरू करना भी इस अवधि में वर्जित होता है.

    मुंडन संस्कार: बच्चों का मुंडन संस्कार भी इस समय नहीं किया जाता है.

    जनेऊ संस्कार (उपवीत संस्कार): यह महत्वपूर्ण संस्कार भी खरमास में नहीं किया जाता है.

    नए व्यवसाय/कार्यों की शुरुआत: कोई भी बड़ा नया काम, नया व्यवसाय शुरू करना या किसी नए बड़े प्रोजेक्ट की शुरुआत करना भी वर्जित माना जाता है.

    भूमि/वाहन की खरीद: कुछ लोग नए वाहन या नई संपत्ति की खरीद को भी इस दौरान टाल देते हैं.

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