Kisan Andolan Live: दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली के दौरान हुए घटनाक्रम के बाद किसान आंदोलन नए मोड़ पर है। दिल्ली की सड़कों से लेकर लाल किले तक उपद्रव की तस्वीरों ने देश को विचलित किया। ऐसे में सवाल किसान आंदोलन के आकाओं पर भी उठ रहे हैं। इन सबके बीच आंदोलन का अगला महापड़ाव मुजफ्फरनगर है। भारतीय किसान यूनियन (BKU) प्रवक्ता राकेश टिकैत की भावुक अपील के बाद जाट बेल्ट में किसानों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। यहां हो रही महापंचायत में कई पड़ोसी राज्यों के किसान जुट रहे हैं। ट्रैक्टरों पर सवार होकर किसान सिसौली पहुंच रहे हैं। वहीं खबर है कि किसान दिल्ली के लिए पैदल मार्च का ऐलान कर सकते हैं। किसान आंदोलन का केंद्र अब वेस्ट यूपी बन रहा है।

महापंचायत स्थल पर किसान पहुंच रहे
गाजीपुर बॉर्डर पर राकेश टिकैत की सिसकी के बाद मुजफ्फरनगर में माहौल गरमा गया। किसानों के मसीहा माने जाने वाले महेंद्र सिंह टिकैत की जन्मस्थली सिसौली को किसानों की राजधानी कहा जाता है। यहां राजकीय इंटर कॉलेज में महापंचायत में अब शक्ति प्रदर्शन की तैयारी है। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सिसौली का बाजार बंद है। महापंचायत स्थल पर अभी किसान धीरे-धीरे पहुंच रहे हैं। सिसौली में चौधरी नरेश टिकैत के घर से भारी तादाद में महिलाएं, ग्रामीण और किसान पहुंच चुके हैं। इस बीच आस-पड़ोस के जिलों से भी ट्रैक्टरों पर सवार होकर किसान महापंचायत स्थल पर पहुंच रहे हैं। इस महापंचायत में किसान नेता कोई बड़ा ऐलान कर सकते हैं।
इस बीच राष्ट्रीय लोकदल, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस नेताओं के खुलकर समर्थन में आने से आंदोलन और गरमाने के आसार हैं। बीकेयू प्रमुख नरेश टिकैत ने किसानों को पूरी तरह शांति व्यवस्था बनाए रखने की हिदायत दी है। सिसौली महापंचायत में गाजीपुर बॉर्डर से धरना उठाने की घोषणा करने वाले नरेश टिकैत भी छोटे भाई राकेश टिकैत के भावुक होने के बाद अपने फैसले से पलट गए। देर रात इमरजेंसी पंचायत बुलाकर टिकैत ने किसानों से जल्द से जल्द गाजीपुर बॉर्डर पहुंचने के निर्देश दिए हैं।
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Kisan Andolan Live: सिसौली पंचायत में शुक्रवार को मुजफ्फरनगर शहर के राजकीय इंटर कॉलेज में महापंचायत का ऐलान कर दिया गया। नरेश टिकैत ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर गाजीपुर में किसी किसान को खरोंच भी आई तो सरकार को सैकड़ो लाशों के ढेर से गुजरना पड़ेगा। कुछ पल बाद ही टिकैत का यह वीडियो वायरल हो गया। किसानों से कहा गया है कि महापंचायत में इतनी भीड़ जुट जाए कि सरकार को किसानों की एकता के सामने झुकने को मजबूर होना पड़े। रात भर बीकेयू के असर वाले गांवों में भीड़ जुटाने के लिए बैठकों का दौर चलता रहा। आरएलडी, कांग्रेस और एसपी ने भी महापंचायत को समर्थन देकर बीकेयू का मनोबल बढ़ा दिया। उधर महापंचायत के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा। ऐसे में पूरी रेंज से पुलिस बल बुलाने के साथ अर्द्ध सैनिक बलों की तैनाती की है।
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