पलामू (झारखंड): पर्यावरण और वनों के संरक्षण के साथ-साथ जंगलों में निवास करने वाली आबादी को स्थायी आजीविका से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने पलामू में आयोजित वन महोत्सव के दौरान यह विचार व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि जंगलों में रहने वाले ग्रामीणों और आदिवासियों के जीवन स्तर तथा आजीविका में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए राज्य का वित्त विभाग हर संभव आर्थिक सहायता प्रदान करने को पूरी तरह तैयार है।
🏛️ नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित हुआ 77वां जिला स्तरीय वन महोत्सव
पलामू के प्रतिष्ठित नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय (NPU) परिसर में वन विभाग के तत्वावधान में 77वें जिला स्तरीय वन महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया।
समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि प्राकृतिक संतुलन और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए पर्यावरण का संरक्षण नितांत आवश्यक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वनों का दायरा बढ़ाने के लिए जन-भागीदारी जरूरी है और जब तक वनों पर आश्रित स्थानीय समुदायों का आर्थिक सशक्तिकरण नहीं होगा, तब तक वन संरक्षण का लक्ष्य अधूरा रहेगा।
🌱 विश्वविद्यालय परिसर में अतिथियों ने किया पौधारोपण, पर्यावरण सुरक्षा का दिया संदेश
महोत्सव के दौरान नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय परिसर में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, पलामू सांसद विष्णुदयाल राम, डालटनगंज विधायक आलोक चौरसिया एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा विधिवत पौधरोपण किया गया।
इस अवसर पर सांसद और विधायक ने भी पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला और आम नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन के विशेष अवसरों पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी समुचित देखभाल करें।
👥 समारोह में सांसद, विधायक, कुलपति समेत प्रशासनिक अधिकारी रहे उपस्थित
इस 77वें वन महोत्सव में पलामू सांसद विष्णुदयाल राम, डालटनगंज विधायक आलोक चौरसिया, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. दिनेश कुमार सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) सत्यम कुमार, नगर आयुक्त रंजीत लाल तथा अपर समाहर्ता (ADAC) कुंदन कुमार सहित वन विभाग व जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी, प्राध्यापक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


