मराठा आरक्षण को लेकर आंदोलन कर रहे मनोज जरांगे के समर्थकों को आजाद मैदान से हटाया जा रहा है. बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के भारी संख्या में पुलिस आजाद मैदान पहुंची है. हाई कोर्ट ने 3 बजे तक (Police is vacating Azad Maidan) आजाद मैदान खाली करने का आदेश दिया था. पुलिस जब आजाद मैदान खाली करने पहुंची तो जरांगे के समर्थकों और पुलिस में बहस छिड़ गई.
Police is vacating Azad Maidan – वहीं, इस खबर है कि महाराष्ट्र सरकार का डेलिगेशन जरांगे से मिलने आजाद मैदान पहुंचा है. महाराष्ट्र सरकार के चार मंत्री जरांगे से मिलने पहुंचे हैं. पुलिस ने जारंगे पाटिल के मंच के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है. आजाद मैदान के बाहर हंगामा शुरू हो गया है. राधाकृष्ण विखे पाटिल, शिवेंद्र राजे भोंसले, जय कुमार गोरे और माणिकराव कोकाटे जरांगे के मंच पर मौजूद हैं. ये चारों केबिनेट मंत्री है.
- जरांगे पाटिल ने कहा कि 58 लाख मराठा समाज को जो कुनबी का सर्टिफिकेट मिला है उसकी जानकारी ग्राम पंचायत को दी जाए.
- जरांगे ने कहा कि जिन आंदोनकारियों पर केसेस दर्ज हुए, उनके केसेस पीछे लिए जाएंगे. ऐसा भी मंत्रियों के समूह ने हमें आश्वासन दिया है. उन्होंने कहा कि मराठा आंदोलन के दौरान में जिनकी मौत हुई, उनके परिवार को आर्थिक मदद 1 सप्ताह में मिलेगी. सरकार की तरफ से नौकरी दी जाएगी.
- राधाकृष्ण विखे पाटिल ने कहा हैदराबाद गेजेटियर को मराठा आरक्षण के लिए लागू किया जाएगा. मेरा कहना है कि इसे कानूनी तौर पर मान्यता दी जाए. जरांगे पाटिल ने कहा कि शिवेंद्र सिंह राजे मंत्री ने कहा कि सतारा गेजेटियर को लागू करने के लिए 15 दिन चाहिए. मैं 1 महीना देता हूं.
- कोर्ट के सामने जो तथ्य आए हैं उसके मुताबिक जो ऑर्गनाइजर है वही पांच हजार से ज्यादा लोगों को मुंबई लाने के लिए जिम्मेदार है. ऐसी बहुत सी बातें हैं, जिसका जवाब मनोज जरांगे पाटिल और अन्य लोगों को देना होगा. अब हम उन्हें पूछ नहीं रहे है क्योंकि आगे की सुनवाई में यह एक पूर्वाग्रह दिखाई देगा.
- बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद आज़ाद मैदान को आज ही खाली कराना होगा. कोर्ट के आदेश का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. कोर्ट का आदेश सरकार और प्रदर्शनकारी दोनों को मानना पड़ेगा.

