उत्तराखंड में मानसूनी बरसात ने इस बार भारी तबाही मचा रखी है. देहरादून में मंगलवार को बादल फट गया. इसमें अब तक 15 लोगों की मौत हो जाने खबर है, जबकि 16 लोग अभी भी लापता (2000 people stranded in Mussoorie) बताए जा रहे हैं. सोमवार देर रात से लेकर मंगलवार सुबह लगभग पांच घंटे में देहरादून और उसके आसपास के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को बारिश ने तबाह कर दिया. तीन नदियां उफान पर आ गईं. कई दुकानों को सैलाब बहाकर ले गया.

हाईवे पर बने पुल धाराशायी हो गए. देहरादून से मसूरी, हरिद्वार और शिमला जाने वाले हाईवे पर बना पूल भी टूट गया. इस वजह मसूरी में लगभग दो हजार पर्यटक फंसे हुए हैं. स्थानीय प्रशासन की ओर से पर्यटकों को कहा गया है कि वो मसूरी में ही स्टे करें. पर्यटकों को फंसे देख यहां के होटल संचालकों ने बड़ा दिल दिखाया है और फंसे पर्यटकों के लिए सेवाएं बिल्कुल फ्री कर दी हैं.

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मसूरी होटल एसोशियन के अध्यक्ष की ओर से आपदा में पर्यटकों के फंसे होने से होटलों में उनके लिए सेवाएं फ्री कर देने की बात बताई गई है. वहीं देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि सबसे अधिक नुकसान सहस्त्रधारा पर्यटन स्थल पर हुआ है. यहां 30 दुकानें बह गईं और तीन लोगों की मौत हो गई. आसन नदी जो दूनी घाटी में बहती है, उसमें बाढ़ आ गई.

2000 people stranded in Mussoorie – देहरादून जिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ की चपेट में एक ट्रेक्टर-ट्रॉली आई, जिससे 10 लोगों की जान चली गई. वहीं टोंस नदी में बाढ़ आने से देवभूमि कॉलेज में पानी भर गया. एसडीआरएफ ने 300 बच्चों को निकाला, जोकि हॉस्टल में फंसे थे. देहरादून के टपकेश्वर महादेव मंदिर में भारी नुकसान हुआ. तमसा नदी में आई बाढ़ की वजह से कुछ प्रतिमाएं बह गईं.

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