
गांव पैंतावास में ग्रामीणों के साथ चर्चा करते हुए पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान।
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हरियाणा के चरखी दादरी में पूर्व सहकारिता मंत्री एवं जजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सतपाल सांगवान ने बुधवार को पैंतावास खुर्द और कलां में ग्रामीणों से चर्चा करते हुए एलान किया कि अब उनका किसी राजनैतिक पार्टी से वास्ता नहीं है। विकास के मामले में दादरी की उपेक्षा उन्हें काफी अखरी है, जिसके चलते ये फैसला लिया।
सतपाल सांगवान ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली के चलते क्षेत्र की जनता को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। दादरी क्षेत्र में विकास कार्य नहीं होने से खफा क्षेत्र की जनता आगामी चुनावों में हिसाब लेगी। पूर्व मंत्री ने कहा कि इस समय वह अब किसी भी राजनीतिक पार्टी में नहीं हैं। वह जल्द ही वर्कर्स की मीटिंग बुलाकर बड़ा फैसला लेंगे।
वहीं, सतपाल सांगवान ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी जनसमस्याओं को प्रमुखता से पूरा करवाने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों को जल्द ही दादरी में होने वाली कार्यकर्ता मीटिंग में शामिल होने का न्योता दिया।
पूर्व मंत्री ने कहा कि कार्यकर्ताओं की बदौलत ही वो राजनीति में आए थे। अब कार्यकर्ता ही उनकी भविष्य की राजनीति को लेकर फैसला लेंगे। इस अवसर पर बालकिशन, रवि कुमार, सुधीर, आनंद, कुलदीप पंच, राजकुमार, बक्शीराम, ईश्वर सिंह, राजेश सोनी, रामबीर शर्मा, विजय सोनी व भीम सिंह आदि उपस्थित रहे।
जजपा की रैली से किया था किनारा
17 सितंबर को चरखी दादरी की नई अनाजमंडी में हुई रैली में सतपाल सांगवान नहीं दिखाई दिए थे। यह रैली भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाली सभी हल्कों को ध्यान में रखकर की गई थी। इस रैली में सतपाल का न आना चर्चा का विषय बना हुआ था। इस दौरान कयास लगाए जा रहे थे कि सतपाल सांगवान जजपा को अब कभी भी अलविदा कह सकते हैं। बता दें कि दादरी में विभिन्न विकास कार्यों में देरी या फिर न होने पर सतपाल सांगवान कई बार गठबंधन सरकार पर ढिलाई बरतने का आरोप लगा चुके थे।

