Rain on the mountains: increased water level of Hathini kund barrage

हथिनी कुंड बैराज
– (आर्काइव)


यमुनानगर जिले के साथ लगती शिवालिक की पहाड़ियों में हुई मुसलाधार बारिश ने एक बार फिर से हथिनी कुंड बैराज का जलस्तर एक लाख क्यूसेक बढ़ गया। जिसके बाद बैराज के गेट खोल दिए गए। वहीं यमुना का जलस्तर बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों की चिंता बढ़ गई है।

जबकि सुबह के समय हथिनी कुंड बैराज पर 94208 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया था। तभी ही आसपास के लोगों में डर का माहौल हो गया था। आसपास के लोगों को फिर से बाढ़ का मंजर याद आने लगा है।

शनिवार तड़के पहाड़ों व मैदानी इलाकों में भारी बारिश हुई। जिसके बाद हथिनी कुंड बैराज पर 94208 क्यूसेक पानी दर्ज किया। हालांकि शाम तक इसमें कमी आई। वहीं एक लाख क्यूसेक पानी आने पर यमुना के सभी गेट खोल दिए जाएंगे। हथिनी कुंड बैराज कार्यालय के अनुसार सुबह 8 बजे 93268, 9 बजे 94208 पानी दर्ज किया गया।

जबकि सुबह 10 बजे 88471, 11 बजे 78586, 12 बजे 77263 दोपहर एक बजे 69400, 2 बजे 76665 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। जिसमें पश्चिमी नहर को 16000, यूपी को 1600 व यमुना में 58045 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

मूसलाधार बारिश से पथराला व सोम नदी उफान पर

क्षेत्र में आए पानी से फसलें पानी में डूब गई। जिससे किसानों व पशुपालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार पहाड़ों में मैदानी क्षेत्र में लगातार हुई बारिश से सोम नदी व पथराला नदी तूफान पर रही। डाॅ.चरणजीत सिंह तिमों, लहासाबाद सरपंच प्रतिनिधि पवन कुमार, हरविंदर सिंह, बलकार सिंह देवेंद्र सिंह आदि का कहना है कि क्षेत्र में बारिश में जमकर तबाही मचाई क्योंकि पानी निकासी जगह-जगह से बंद पड़ी है।

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