गुरुग्राम (हरियाणा): साइबर सिटी गुरुग्राम में सोमवार को हुई मूसलाधार बारिश ने नगर निगम और जीएमडीए (GMDA) के ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोलकर रख दी। नए गुरुग्राम के पॉश इलाकों से लेकर पुराने शहर की रिहायशी कॉलोनियों तक चारों तरफ भारी जलभराव की स्थिति बन गई। शहर की प्रमुख सड़कों पर दो से तीन फीट तक पानी जमा हो जाने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया। स्थिति यह रही कि कई मुख्य सड़कें, चौराहे और अंडरपास पानी में डूब गए, जिसके चलते वाहन चालकों को घंटों तक भीषण जाम में फंसे रहना पड़ा और लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
🚗 दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे और गोल्फ कोर्स रोड पर थमी रफ्तार: मीलों लंबी कतारें
प्रमुख मार्गों पर जलभराव और ट्रैफिक का हाल:
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सर्वाधिक प्रभावित मार्ग: भारी बारिश का सबसे बुरा असर गोल्फ कोर्स रोड, दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे (NH-48), सोहना रोड, ओल्ड दिल्ली रोड और रेलवे रोड पर देखने को मिला।
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अंडरपास में भरा पानी: राजीव चौक अंडरपास और फ्लाईओवर के आसपास जलभराव के चलते ट्रैफिक की रफ्तार पूरी तरह थम गई और वाहन रेंगते नजर आए।
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घंटों फंसे रहे वाहन चालक: कई स्थानों पर गाड़ियां पानी के बीच बंद हो गईं, जिससे ऑफिस से घर लौट रहे कामकाजी लोगों और आम नागरिकों को घंटों जाम से जूझना पड़ा।
💻 जिला प्रशासन ने जारी की वर्क फ्रॉम होम (WFH) एडवाइजरी
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का बड़ा फैसला:
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घर से काम करने की सलाह: भारी जलभराव और आगामी दिनों में संभावित जाम की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने 25 अगस्त से वर्क फ्रॉम होम की एडवाइजरी जारी की है।
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संस्थानों को निर्देश: जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला उपायुक्त (DC) उत्तम सिंह ने जिले के सभी कॉरपोरेट दफ्तरों, निजी कंपनियों तथा शिक्षण संस्थानों को सलाह दी है कि वे अपने कर्मचारियों और स्टाफ को घर से काम करने के लिए निर्देशित करें।
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स्कूल-कॉलेजों पर असर: निजी व सरकारी स्कूलों और कोचिंग संस्थानों को भी ऑनलाइन मोड में कक्षाएं संचालित करने की सलाह दी गई है ताकि सड़कों पर भीड़ कम हो सके।
🛠️ सड़कों पर दबाव घटाना और ड्रेनेज सफाई को गति देना है मुख्य उद्देश्य
प्रशासनिक प्राथमिकताएं और राहत कार्य:
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ट्रैफिक नियंत्रण: वर्क फ्रॉम होम लागू करने का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करना है, जिससे आपातकालीन सेवाओं और आवश्यक वाहनों का आवागमन बाधित न हो।
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जल निकासी में तेजी: सड़कों पर वाहनों की संख्या कम रहने से नगर निगम और प्रशासनिक टीमों को जलभराव वाले इलाकों से पंपों के जरिए पानी निकालने और नालों की सफाई का काम युद्धस्तर पर पूरा करने में मदद मिलेगी।
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बुनियादी ढांचे पर सवाल: आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का दावा करने वाली साइबर सिटी में हर मानसूनी बारिश के बाद जलभराव की पुनरावृत्ति ने स्थानीय प्रशासन की पूर्व-तैयारियों पर फिर से सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।


