हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अत्यंत सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि रिश्वतखोरी या भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी पाए गए अधिकारियों और कर्मचारियों को उसी जिले तथा उसी पद पर दोबारा तैनाती नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ऐसे मामलों में राज्य सरकार बिना किसी भेदभाव के कठोरतम कार्रवाई (zero tolerance on corruption) कर रही है। सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर कार्य कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

 140 दागी अधिकारियों की सूची तैयार

हाल ही में हरियाणा राज्य सतर्कता व भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर भ्रष्टाचार के आरोपियों को पुनः उसी जिले में पोस्टिंग न देने का अनुरोध किया था। मंगलवार को प्रेसवार्ता में मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लागू कर दिया है। ब्यूरो ने प्रदेश भर में 140 ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों को चिन्हित किया है, जिनके खिलाफ रिश्वतखोरी की निरंतर शिकायतें मिल रही थीं।

 सीएम नायब सैनी का कांग्रेस पर तीखा हमला 

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस पर तीखा जुबानी हमला बोलते हुए कहा कि  कांग्रेस के समय भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता का पूरी तरह अभाव था, परीक्षाओं के पेपर लीक होते थे और युवाओं की शिकायतों की कोई सुनवाई नहीं होती थी। उन्होंने कहा कि परीक्षार्थी बसों की छतों पर बैठकर परीक्षा केंद्रों तक जाने को मजबूर थे। इसके साथ ही (zero tolerance on corruption) उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा गरीब, पिछड़े व अनुसूचित जाति समाज के नाम पर केल वोट बैंक की राजनीति की है।

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